मण्डला, 23 मार्च 2021
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिमरूआ तथा कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल महाराजपुर का आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देशित किया कि अतिरिक्त कक्षाएं के माध्यम से विधार्थियों में आधारभूत दक्षताएं अर्जित कराते हुये पाठ्यक्रम पूरा करायें तथा बच्चों के स्तर के अनुरूप समूह बनाकर कठिन अवधारणाओं का निराकरण करंे। इस दौरान डीपीसी हीरेन्द्र वर्मा, एपीसी मुकेश पाण्डेय सहित संबंधित उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि सभी शिक्षक नियमित रूप से निर्धारित समय के पूर्व शाला आकर शाला के परिणाम को बेहतर बनाने का प्रयास करें। रोस्टर के आधार पर विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था बनाई जाये। छात्रवार विषयवार विश्लेषण कर अध्यापन की रणनीति बनायें। उन्होंने कहा कि बच्चों में आत्म विश्वास जाग्रत करें। बच्चों की रूचि के अनुरूप उनके लक्ष्य के निर्धारण में सहयोगी। श्रीमति सिंह ने शाला स्टॉफ को निर्देशित किया कि अनियमित उपस्थिति वाले बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क कर उनकी उपस्थिति बढ़ायें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा 10, 11 तथा 12 के विद्यार्थियों से उनके पाठ्यक्रम तथा सामान्य ज्ञान संबंधी प्रश्न किये। उन्होंने कहा कि अध्यापन के लिये शिक्षक पूरी तैयारी करके ही कक्षा में आयें। उन्होंने लिमरूआ में गाइड से अध्यापन कराने वाले शिक्षक राधेश्याम उइके तथा बिना से आने वाली खेल शिक्षिका मधु कछवाहा को कारण बताओ नोटिस जारी के निर्देश दिये।
स्कूलों में रखें अतिरिक्त मॉस्क एवं सेनेटाईजर
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया प्रत्येक स्कूलों में अतिरिक्त मॉस्क तथा सेनेटाईजर की व्यवस्था रखी जाये। जो बच्चे बिना मॉस्क के आते हैं उन्हें मॉस्क पहनवाकर ही स्कूल में प्रवेश दिया जाये। उन्होंने बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचने मॉस्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाने तथा परिवार व आसपास के लोगों को इसके लिये प्रेरित करने की बात कही।
योग्य शिक्षक ही सबसे बड़ा देशभक्त
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर हर्षिका सिंह ने छात्र – छात्राओं से उनके भविष्य की बारे में आत्मीय चर्चा की। विद्यार्थियों ने भविष्य में डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, व्यापारी बनने इच्छा जाहिर की किन्तु शिक्षक बनने की इच्छा कम विद्यार्थियों द्वारा जाहिर किये जाने पर कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक ही भावी पीढ़ी को तैयार करता है इसलिये योग्य शिक्षक ही सबसे बड़ा देशभक्त है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे पूरी क्षमता से अध्यापन कराते हुये विद्यार्थियों के लिये आदर्श बनने का प्रयास करें।
