मण्डला 21 जून 2021
रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश को कोरोना से पूर्णतया मुक्त करने का एक सशक्त प्रयास के तहत प्रदेश के उच्च एवं तकनीकि शिक्षा विभाग के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक और लगभग 16 लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जायेगा जो कोविड अनुकूल व्यवहार तथा वेक्सिनेशन के प्रति समाज में जागरुकता लाने का प्रयास करेंगे। इसके लिए 18 जून 21 को मुख्यमंत्री ’’युवाशक्ति कोरोनामुक्ति अभियान’’ का शुभारंभ करते हुए युवाशक्ति विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अभियान की प्रभावी रियल टाइम ऑनलाइन निगरानी के लिए एक मोबाइल ऐप को भी लाँच किया गया जिसके माध्यम से इस अभियान की प्रतिदिन की गतिविधियों और प्रगति की समीक्षा की जा सकेगी। अपरान्ह 3 बजे से आयोजित इस वर्चुअल मीटिग में मुख्यमंत्री से संवाद के लिए रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक विद्यार्थी यशवीर प्रकाश का चयन हुआ। एनएसएस एवं एनसीसी के विद्यार्थियों ने बड़ी उत्सुकता से पूरे समय मुख्यमंत्री के संबोधन; संवाद को सुना और प्रदेश को कोरोना से मुक्त करने व वेक्सीनेशन के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांन्तियों, अफवाहों के प्रति जागरुक कर शतप्रतिशत टीकाकरण के लिए प्रेरित हुए।
इस अभियान के तहत कालेज के विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों में कोविड अनुकूल व्यवहार और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जायेगी जो अपने परिवार आस-पड़ोस व समाज के लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगे। वेबकास्ट के माध्यम से प्रसारित इस वर्चुअल मीटिंग में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चौरसिया, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. व्ही.के. चौरसिया, डॉ. टी.पी. मिश्रा, डॉ. अनिल गुुप्ता, डॉ. श्रीकान्त श्रीवास्तव, डॉ. बी. टेम्भरे, डॉ. एस.आर. बघेल, डॉ. ए.एस. बघेल, डॉ. नवीन तेकाम, डॉ. जूडिका कुजूर, डॉ. अनिता झारिया, डॉ. पी. भवरे, डॉ. पी.एल. झारिया, डॉ. गुलबहार खान; यदुनंदन कछवाहा, जयंत कछवाहा, प्रशांत पाण्डेय, संजय नंदा सहित महाविद्यालय के एनएसएस व एनसीसी के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाभियान के तहत् सोमवार 21 जून को एनएसएस व एनसीसी के स्वयंसेवक विद्यार्थियों नें महाविद्यालय में आयोजित टीकाकरण कैम्प में ऐसे विद्यार्थियों, घर परिवार के सदस्यों आस-पड़ोस के परिचित मित्रों को जिनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ था तथा जिनमें वेक्सिनेशन के प्रति भ्रांन्तियों व अपवाहों के कारण भय व्याप्त था उनका निराकरण करते हुए जागरुक कर उन्हें महाविद्यालय लाकर टीकाकरण कराया।
