खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न
मण्डला 17 अगस्त 2021
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होने पीडीएस वितरण, पीडीएस उठाव, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की प्रगति एवं अन्य बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीडीएस एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत आवंटित खाद्यान्न का उठाव 20 अगस्त तक करना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार पीडीएस का वितरण लगातार जारी रखें। उन्होंने निवास क्षेत्र में पीडीएस वितरण की प्रगति से नाराजगी जाहिर की। श्रीमती सिंह ने कहा कि सभी पीडीएस लाभार्थी अपने नजदीकि पीडीएस दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर लें। छुट्टी के दिन भी पीडीएस दुकानों से राशन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर ने अन्न उत्सव कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैग वितरण, नवीन पात्रता पर्ची तथा माह अगस्त में जारी पात्रता पर्ची की आंकड़ेवार समीक्षा की। उन्होंने कोविड काल में जारी पात्रता पर्चियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने खाद्य विभाग को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाईन एवं समाधान कार्यक्रमों में लंबित शिकायतों का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी श्री अहिरवार सहित संबंधित उपस्थित थे।
’एक जिला एक उत्पाद’ से संबंधित बैठक आयोजित
कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में ’एक जिला एक उत्पाद’ से संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने कहा कि कोदो-कुटकी के उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन को भी बढ़ाएं। उन्होंने डीडीए को निर्देशित किया कि कोदो-कुटकी से जुड़े किसानों को आत्मा समिति और कृषि विज्ञान केन्द्र का मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कोदो-कुटकी के गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन तथा उत्पादों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाएं। आवश्यकता होने पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से भी सहयोग लें।
श्रीमती सिंह ने ’एक जिला एक उत्पाद’ के अंतर्गत गोंडी पैंटिंग के प्रोत्साहन के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोंडी पैंटिंग से जुड़े कलाकारों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रारंभ करें। साथ ही अमरकंटक आदिवासी विश्वविद्यालय से भी मार्गदर्शन प्राप्त करें। कलेक्टर ने कहा कि कोदो-कुटकी के उत्पादों एवं गोंडी पैंटिंग के प्रोत्साहन के लिए मार्केटिंग एवं पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें। इसी प्रकार छोटी इकाईयों की स्थापना के लिए भी प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए ऑनलाईन प्लेटफार्म का अधिक से अधिक उपयोग करें। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी मार्केटिंग से जुड़े लोगों के साथ चर्चा करें। बैठक में ’एक जिला एक उत्पाद’ से जुड़े विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में कोविड वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाएँ – हर्षिका सिंह
कोविड वैक्सीनेशन की समीक्षा बैठक में निर्देश
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जिले में कोविड वैक्सीनेशन महाभियान के अंतर्गत संचालित वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में वैक्सीनेशन की गति को और बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कोविड वैक्सीनेशन के लिए माईक्रोप्लान, वैक्सीन उपलब्धता तथा टीकाकरण से जुड़े विषयों पर विस्तृत निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने कहा कि माईक्रोप्लान तैयार कर संबंधी क्षेत्र के अधिकारी समयपूर्व वैक्सीनेशन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने घुघरी, मवई एवं मोहगांव में कम वैक्सीनेशन पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र में वैक्सीनेशन बढ़ाने मैदानी अमले को सक्रिय करें। सभी बीएमओ अपने क्षेत्र की पंचायतों को वैक्सीनेशन प्रतिशत के आधार पर चिन्हित करें। वैक्सीनेशन के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी मैदानी दौरा करते हुए अपने क्षेत्र में वैक्सीनेशन को बढ़ाएंगे। साथ ही कम वैक्सीनेशन वाली पंचायतों में जागरूकता अभियान संचालित करते हुए ऐसी पंचायतों में शतप्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें।
श्रीमती सिंह ने कहा कि प्रतिदिन बनाए जाने वाले टीकाकरण लक्ष्य को प्राप्त करें तथा सभी वैक्सीनेशन डोज का उपयोग सुनिश्चित करें। वैक्सीनेशन सत्र आयोजित करने के पूर्व उन क्षेत्रों के लोगों को टीकाकरण केन्द्रों की जानकारी दें। कलेक्टर ने कहा कि आगामी दिनों में जिले को मिले कोविड टीकाकरण के लक्ष्य को अनिवार्यतः प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे। इसी प्रकार प्रत्येक दिन के वैक्सीनेशन की डाटा ऐन्ट्री उसी दिन सुनिश्चित करेंगे।

सेकण्ड डोज के पात्र हितग्राही टीकाकरण जरूर कराएँ
श्रीमती सिंह ने जिले के द्वितीय डोज के लिए सभी हितग्राहियों से अपील की है कि कोविड का द्वितीय डोज अपने नजदीकि केन्द्रों में जाकर टीकाकरण का द्वितीय डोज जरूर लगाएं। कोविड से बचाव के लिए यह सुरक्षा चक्र है। कलेक्टर ने कहा कि आगामी एक माह टीकाकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि द्वितीय डोज के लिए पात्र हितग्राहियों से चर्चा कर उन्हें कोविड के दोनों टीकों का महत्व समझाएँ। साथ ही मैदानी अमले के माध्यम से लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी सुनिश्चित करें।
बाहर से आने वाले अनिवार्यतः जांच कराएंगे
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि जिले में बाहर से आने वाले प्रवासी अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अपने आने की सूचना स्थानीय अमले को उपलब्ध कराएंगे। श्रीमती सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण की संभावना के साथ बाहर से आने वाले यात्री यदि जिले में बिना जांच के आते हैं और अपनी जानकारी छुपाते हैं तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने किया रेशम केन्द्र देवदरा का निरीक्षण
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने देवदरा स्थित रेशम केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्र में रेशम उत्पादन के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। श्रीमती सिंह ने धागा उत्पादन, रेशम की प्रजातियाँ सहित रेशम से बनाए जाने वाले विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में रेशम के उत्पादों को लगातार प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी त्यौहारों को देखते हुए रेशम उत्पादों, कपड़ों, साड़ियों एवं अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाएं। साथ ही समय-समय पर उत्पादों के संबंध में जानकारी प्रसारित कराएं। श्रीमती सिंह ने संबंधित अधिकारियों से प्रतिवर्ष धागा उत्पादन, आय, साड़ियां, गमछे, स्टॉल आदि के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने रेशम उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए ऑनलाईन प्लेटफार्म का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उत्पाद निर्माण में लागत्, कारीगर भुगतान तथा अन्य जानकारी पर जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कलादीर्घा में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने रपटाघाट स्थित कलादीर्घा का दौरा किया। उन्होंने कहा कि कलादीर्घा में मंडला जिले के स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। उन्होंने आजीविका मिशन के माध्यम से बनाए जाने वाले उत्पादों को कलादीर्घा के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी कला से जुड़ी कृतियों को भी कलादीर्घा में प्रदर्शित करें तथा उन्हें प्रोत्साहित करें। श्रीमती सिंह ने ईईपीडब्ल्यूडी को कलादीर्घा में जरूरी मैंन्टेनेन्स कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पौधे हमें प्राणवाय देते है, इनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी – जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शर्मा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न
म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार एवं माननीय श्री आर.एस. शर्मा प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डला के निर्देशन में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डला श्रीमति डॉ0 प्रीति श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्शन में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंच-ज योजनातर्गत जबलपुर चिल्पी राष्ट्रीय राजमार्ग में सिद्धबाबा मंदिर बाईपास रोड मण्डला में लगभग 3 कि०मी० सड़क के दोनो ओर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 300 पौधों कदम, शीशम, करंज गुलमोहर, नीम आदि का रोपण किया गया।
इस अवसर पर मान० प्रधान जिला न्यायाधीश श्री आर०एस० शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान अवधेश कमार सिंह, विशेष न्यायाधीश श्री आर0पी0 सिंह, जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ० प्रीति श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री निरंजन कुमार पांचाल, ततीय जिला न्यायाधीश श्रीमान् डी०आर० अहिरवार, पंचम जिला न्यायाधीश श्रीमान के0के0 निनामा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सुभाष सुनहरे, रजिस्ट्रार/न्यायिक मजिं० प्रथम श्रेणी श्री विनोद कुमार चौधरी, न्यायिक मजि० प्रथम श्रेणी श्रीमति हर्षिता पिपरेवार, न्यायिक मजि० प्रथम श्रेणी सुश्री भावना गोमे, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री विजय कुमार खोब्रागढे, इंजीनियर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण श्री योगेश राठी, श्री संदीप राठौर, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री रामेश्वर झारिया, एवं अन्य अधिवक्तागण तथा प्रशासनिक अधिकारी श्री कुंजबिहारी हेराउ, अध्यक्ष न्यायिक कर्मचारी संघ श्री सुनील चंद्रौल एवं अन्य न्यायिक कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आर एस. शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि पौधों से प्राणवाय मिलती है पौधे हमें जीवन देते है इसलिये हम सबकी जिम्मेदारी है कि पौधारोपण करें और पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लें और हम प्रत्येक आयोजनों पर पौधारोपण का संकल्प लें। पौधारोपण प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक रूप से करना चाहिए यह प्राकृतिक संतुलन के लिये यह बेहद आवश्यक है।
हेबीटेट राईट्स के अंतर्गत अमवार में बैठक आयोजित
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारो की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3(1)(ड) में विशेष पिछड़ी जनजाति के गृह और आवास (हेबीटेट राईट्स) के सामुदायिक अधिकारों का प्रावधान किया गया है। जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के हैबीटेट राइट्स को मान्यता देने के लिए कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशानुसार जनपद पंचायत मवई के अंतर्गत ग्राम अमवार में 16 अगस्त को विशेष ग्रामसभा की बैठक का आयोजन किया गया है। जिसमें जनपद पंचायत मवई के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमवार के पोषक ग्राम रहेटाखेरा, औरा घुघरा, सुन्हेरा, नया गांव, औरा भिमरा, मेर टोला, खिरका टोला, पटपरा, रहता घुईया के बैगा समुदाय के लोग, सरपंच, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिछिया, सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग मण्डला, वनपरिक्षेत्र अधिकारी मवई, क्षेत्र संयोजक, नायब तहसीलदार पटवारी उपस्थित रहे।
ग्रामसभा में सर्वप्रथम ग्रामसभा अध्यक्ष के लिए सुखराम पिता धरमू का सर्व सहमति से मनोनयन किया गया। जिसके पश्चात् ग्रामसभा में ग्राम पंचायत अमवार द्वारा प्रस्तुत विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा समुदाय) के हेबीटेट् राईट के दावे पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें बैगा समुदाय के लोगों द्वारा बतलाया कि हमारे पूर्वजों के समय से इस क्षेत्र जंगलों पर निस्तार करते आ रहे हैं, और हमारा पूरा जीवन चक्र इन्ही जंगलों के बीच गुजरता है। जंगलों से ही हम अपनी जीविका के लिये लघु वनोपज का संग्रहण करते हैं और उसका विक्रय कर ही अपनी एवं परिवार की जीविका चलाते हैं। साथ ही इन्ही जंगलों में हमारे पूर्वजों के द्वारा पूजा स्थान, श्मशान घाट, गौठान इत्यादि चिन्हित किये गये हैं। जिनका निस्तार हम आज भी करते आ रहे हैं। ग्राम सभा द्वारा अमवार पंचायत के अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्र का नजरी नक्शा भी तैयार किया गया है। जिसमें बैगा समुदाय द्वारा प्राचीन काल से निस्तार व उपयोग किये जा रहे हैं। संसाधन एवं स्थानों का चिन्हांकन प्रदर्शित किया गया। उक्त नजरी नक्शा का ग्राम सभा में सभी के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसमें वन विभाग के द्वारा भी उक्त हेबीटेट् राईट के नजरी नक्शा का बारिकी से अवलोकन किया गया। ग्राम सभा में उपस्थित बैगा समुदाय के लोगों के द्वारा प्राचीनकाल से विस्तार किये जा रहे हैं। जंगल की जमीन एवं लघु वनोपज के बारे में नजरी नक्शे में चिंहान्कन किया गया। ग्राम सभा की कार्यवाही में निकटतम पंचायत के सरपंच सचिव उपस्थित हुये। जिनके द्वारा भी उक्त हेबीटेट राईट देने की प्रक्रिया की सहमति दी गई।
हेबीटेट राईट चार बिन्दुओं पर आधारित है – पारिवारिक निर्धारक। आर्थिक निर्धारक। जनानकीय निर्धारक। भौतकीय व सांस्कृति निर्धारक।
हेबीटेट राईट से संबंधित स्थलों का सत्यापन ग्राम सभा में उपस्थित बैगा समुदाय, राजस्व विभाग, वन विभाग, आदिवासी विभाग के अधिकारियों एवं अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मौके पर जाकर स्थल सत्यापन किया गया। उपरोक्त मापदण्डों के अनुसार हेबीटेट राईट दिये जाने की कार्यवाही ग्राम सभा में की गई। अंत में ग्रामसभा के अध्यक्ष सुखराम पिता धरम् की अनुमति से सर्वसहमति अनुसार कार्यवाही विवरण का वाचन किया गया एवं ग्राम सभा की अनुशंसा अनुसार प्रस्ताव उपखण्ड स्तरीय समिति को भेजने की कार्यवाही की गई।
रोजगार मेले में 141 आवेदकों का प्रारंभिक चयन
रोजगार कार्यालय मण्डला द्वारा जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिये 17 अगस्त को रानी अवंती बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मण्डला में रोजगार मेले का आयोजन किया गया जिसमे विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता के कुल 450 युवाओं ने ऑन लाइन एवं आफ लाइन पंजीयन कराया। रोजगार मेले में कुल 6 निजी क्षेत्र की कम्पनियों द्वारा साक्षात्कार लेते हुए 141 आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया गया, जिसमें यशस्वी ग्रुप में 10, वर्धमान फेब्रिक्स बुधनी में 13, एल.एन.टी. चेन्नई में 29, वेस्टेज मार्केटिंग सेल में 18, आबजरबेक्स सिक्यूरिटी प्रा.लि. में 46 एवं भारतीय जीवन बीमा निगम मण्डला में 25, इस रोजगार मेले आयोजन में एल.एस.सैयाम जिला रोजगार अधिकारी, वास्कले महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, श्री जितेन्द्र मेश्राम, श्रम पदाधिकारी, आर.एस. बरकड़े, प्राचार्य आई.टी.आई. मण्डला, श्री एस.पी.सुखदेव, प्राचार्य आई.टी.आई. बिछिया, डी.के. साहू, वर्षा गायकवाड़, रेखा चौरसिया जिला रोजगार कार्यालय मण्डला, आनंद मरावी, अनुपम श्रीवास्तव आई.टी.आई. मण्डला एवं प्रशांत निखारे, श्री साहू एवं श्री गुप्ता पॉलिटेक्निक महाविद्यालय मण्डला का मेले को सफल बनाने में सराहनीय योगदान रहा।

बिछिया खण्ड स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक 18 को
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिछिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिछिया अनुविभाग के अंतर्गत खण्ड स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक 18 अगस्त दिन बुधवार को दोपहर 12 बजे आयोजित की गई है। बैठक में वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम अमवार के अधिवास अधिकार हेतु दावे का निराकरण किया जायेगा। बैठक तहसील कार्यालय बिछिया के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। उन्होंने संबंधितों से बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक अनुसुईया निवासी ग्राम मल्ठार की सर्पदंश से मृत्यु होने के कारण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व निवास द्वारा मृतक के निकटतम वारसान को कुल 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। मृतक के निकटतम वारसान आवेदक कमल सिंह को कुल 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में अब तक 608.8 मिमी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में इस वर्ष एक जून से 17 अगस्त के दौरान 608.8 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 773.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 165.1 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 अगस्त को मंडला में 6.2, नैनपुर में 3.4, बिछिया में 5.2, घुघरी में 1.5 मिमी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार 17 अगस्त को जिले में 2.7 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
मच्छरों की वृद्धि रोकने अपने घर व आस-पास पानी इकट्ठा न होने दें
मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया से बचाव के लिए जरूरी जानकारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने आमजनों के लिए मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया से बचाव के लिए एडवाईजरी जारी की है। एडवाईजरी में उन्होंने कहा है कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मच्छरों की वृद्धि रोकने अपने घर व आस-पास पानी इकट्ठा न होने दें। कबाड़ या पात्रों में बारिश का भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें साथ ही मच्छरों से बचाव करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम, क्वाइल, रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। टायर, कबाड़, सामान ढंक्कर रखें तथा इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें। बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करायें। जैसा कि विदित है कि वर्षाकाल में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाता है तथा हमारे घर व आसपास पानी कन्टेनर व कबाड़ सामान, टायर, टंकी, मटके, गमले, कूलर इत्यादि में जमा पानी में मच्छर अंडे देकर वृद्धि करते हैं जिनके काटने से मलेरिया डेंगू चिकुनगुनिया बीमारी फैलने की संभावना होती है।
इसी प्रकार ऐसे जलपात्रों में भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें जिससे इनमें पनप रहे मच्छर के लार्वा नष्ट हो जाएं तथा मच्छरों की वृद्धि रुक जाए। मच्छर से फैलने वाली बीमारी मलेरिया में सामान्यतः बुखार, कमजोरी हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना जैसे लक्षण हो सकते हैं तथा डेंगू, चिकुनगुनिया बीमारी संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार सिर व आखों में दर्द, हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना, शरीर पर चकत्ते आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में मरीज को तत्काल नजदीकि स्वास्थ्य केन्द्र में खून जांच व स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए तथा चिकित्सकीय परामर्श से दवा का पूर्ण सेवन करना चाहिये।
