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रेवा इंडिया न्यूज़ मुख्य समाचार 3 सितम्बर2021

धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों के मद्देनजर दिशा-निर्देश जारी

जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश

 

मण्डला 3 सितम्बर 2021

जिला मजिस्ट्रेट हर्षिका सिंह ने म०प्र० शासन गृह विभाग मंत्रालय भोपाल के 1 सितम्बर 2021 को जारी निर्देशों के अनुक्रम में एवं जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार जिले में कोविड-19 संक्रमण की दर में कमी को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना कर्फ्यू के प्रतिबंधों के संबंध में कलेक्टर कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी आदेश दिनांक 15.07.2021 को यथावत रखते हुए धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं जो अग्रिम आदेश पर्यंत तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होंगे।

जारी निर्देशों के तहत् प्रतिमा व ताजिये (चेहल्लुम) के लिये पण्डाल का आकार अधिकतम 30ग45 फिट नियत किया गया है। झांकी निर्माताओं को आवश्यक रूप से यह सलाह दी गई है कि वे ऐसी झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करें, जिनमें संकुचित जगह के कारण श्रद्धालुओं व दर्शकों की भीड़ की स्थिति बने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न हो सके। झांकी स्थल पर श्रद्धालुओं व दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी। मूर्ति व ताजिये (चेहल्लुम) का विसर्जन संबंधित आयोजक समिति द्वारा किया जायेगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिये अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिये आयोजकों को पृथक से संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा विसर्जन के लिये अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाये ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड़ हो। विसर्जन की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था अपनायी जाये।

कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक व सामाजिक आयोजन के लिये चल समारोह निकालने की अनुमति नही होगी। विसर्जन के लिये सामूहिक चल समारोह भी अनुमत्य नही होगा। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्‍च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण के बचाव के तारतम्य में झांकियों, पण्डालों, विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु व दर्शक फेस कव्हर तथा सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 व अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

 

 

 

 

 

ऑटो रिक्शा, बस एवं वाहनों की हुई चैकिंग

 

जिला परिवहन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 सितम्बर को जिले में संचालित ऑटो रिक्शाओं एवं बस वाहनों की चैकिंग की गई। बिछिया एवं सिवनी मार्ग पर वाहनों के फिटनेस, परमिट, लायसेंस, बीमा आदि दस्तावेजों एवं ओव्हरलोडिंग की जांच की गई। 25 वाहनों की चौकिंग की गई जिसमें से नियम विरूद्ध संचालित 5 वाहनों पर 12500 रूपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। चैकिंग की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। चैकिंग में जिला परिवहन अधिकारी बिमलेश कुमार गुप्ता, लिपिक आर.एस. तेकाम एवं राहुल उइके उपस्थित रहे।

 

 

 

 

 

मोहगांव रोजगार कैम्प में 72 आवेदकों का प्रारंभिक चयन

 

जिला परियोजना प्रबंधक म.प्र.डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला मण्डला अतंर्गत विकाखण्ड स्तर पर म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन विकासखण्ड मोहगांव में 3 सितम्बर को रोजगार केम्प आयोजित किया गया। रोजगार कैम्प में एसआईएस कम्पनी अनुपपुर द्वारा 72 युवक का प्राथमिक चयन किया गया। केम्प हेतु विकासखण्ड स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रचार किया गया एवं एसआईएस कम्पनी के द्वारा प्राथमिक चयन के साथ साथ नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया। रोजगार कैम्प में विकासखण्ड प्रबंधक मुकेश नंदा, राजकुमार यादव, श्रीमति रजनी यादव, नीरज द्विवेदी एवं एसआईएस कम्पनी से दिनेश शर्मा उपस्थित रहे। आगामी कैम्प विकासखण्ड बिछिया के अंतर्गत ग्रामीण आजीविका मिशन जनपद पंचायत बिछिया में 6 सितम्बर को तथा विकासखण्ड मंडला के अंतर्गत ग्रामीण आजीविका मिशन बीआरसी भवन मंडला में 7 सितम्बर को रोजगार कैम्प आयोजित किए जाएंगे।

 

 

 

 

 

आरटीई अधिनियम अशासकीय शालाओं में निःशुल्क प्रवेश ऑनलाईन प्रारम्भ’

 

जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोविड-19 के कारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2020-21 में प्रवेश नहीं हो पाए थे। इस कारण जो बच्चे आयु अनुरूप 2020-21 में पात्रता रखते थे, ऐसे बच्चों को जिनकी आयु 16 जून 2020 की स्थिति में न्यूनतम तीन वर्ष और अधिकतम सात वर्ष होगी। उनके लिए जिले के 170 प्राइवेट शालाओं की पहली कक्षा की 25 प्रतिशत सीटों पर सत्र 2020-21 के लिए निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन 6 सितम्बर 2021 से शुरू होगें ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 सितम्बर 2021 है। निःशुल्क प्रवेश हेतु आवेदन केवल ऑनलाईन ही दर्ज होंगे, ऑफलाईन कोई आवेदन मान्य नहीं होंगे।

अतः आवेदक द्वारा किसी भी कार्यालय अथवा प्राईवेट स्कूल में आवेदन की हार्डकॉपी जमा नहीं की जाये। आवेदक पोर्टल पर अपना आवेदन स्वयं ही ऑनलाईन दर्ज कर सकते हैं। आवेदन पत्र का प्रारूप आरटीई पोर्टल पर ही उपलब्ध होगा जिसे किसी भी व्यक्ति द्वारा बगैर किसी पासवर्ड या बगैर शुल्क के डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदक निःशुल्क प्रवेश हेतु अपना आवेदन पत्र पोर्टल जिसकी लिंक http//rteportal.mp.gov.in है पर केवल ऑनलाईन ही दर्ज करें। 17 सितम्बर 2021 तक जनशिक्षा केन्द्र पर सत्यापन करा सकेंगे। 23 सितम्बर 2021 को लॉटरी के जरिए स्कूल आवंटन होगा। ऑनलाईन आवेदन में त्रुटि होने पर सुधारने की सुविधा दी गई है। स्कूल आवंटन होने पर आवेदक 24 से 30 सितम्बर 2021 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करेंगे। ऑनलाईन आवेदन के बाद पास के जनशिक्षा पर जाकर पालक को मूल दस्तावेजों से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के अभाव में आवेदन प्रवेश के लिए लॉटरी में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे।

 

 

 

 

 

 

अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिये मेरिट-कम-मीन्स, पोस्ट मैट्रिक, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की जानकारी

 

प्रदेश के मूल निवासी अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को भारत में अध्ययन करने के लिये शैक्षणिक सत्र 2021-22 हेतु भारत सरकार द्वारा अधिसूचित अल्प संख्यक अंतर्गत मुस्लिम, ईसाई बौद्ध, सिख, पारसी एवं जैन समुदायों के छात्र, छात्राओं से भारत सरकार की अल्पसंख्यक मेरिट-कम-मीन्स, पोस्ट मैट्रिक, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत भारत सरकार के निर्देशों के आधार पर मेरिट-कम-मीन्स, पोस्ट मैट्रिक, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति अध्ययनरत नवीन एवं नवीनीकरण विद्यार्थियों के लिये 15 नवम्बर तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। छात्रवृत्ति के आवेदन हेतु विद्यार्थी को भारत सरकार की National Scholarship Portal (NSP) URL www.scholership.gov.in पर जिसकी लिंक भारत सरकार की वेबसाईट www.minorityaffairs.gov.in पर भी उपलब्ध है या मोबाईल ऐप नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) ऑनलाईन आवेदन भरना होगा। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं संचालन प्रकिया नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) पर उपलब्ध है।

छात्रवृत्ति हेतु केवल ऑनलाईन आवेदन ही स्वीकार किये जायेंगें, ऑफलाईन आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए वर्ष 2021-22 में मेरिट-कम-मीन्स, पोस्ट मैट्रिक, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के नवीन प्रकरणों हेतु लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं। इसके अधिक प्रकरणों में स्वीकृति सामान्यतः भारत सरकार द्वारा नहीं दी जाती है। नवीनीकरण प्रकरणों के लक्ष्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित नहीं किए जाते हैं। छात्रवृत्ति के आवेदन ऑनलाईन भरते समय विद्यार्थियों द्वारा वेबसाईट के होम पेज पर उपलब्ध Frequntly Asked Questions (FAQs)पर विशेष ध्यान दिया जाये जिससे आवेदन भरते समय गलती न हो। विद्यार्थियों द्वारा 12 अंको का आधार नम्बर भरना जरूरी है। जिन विद्यार्थियों द्वारा आधार नम्बर हेतु पंजीयन किया गया है तो उनके द्वारा 10 अंको का आधार पंजीयन क्रमांक (ईआईडी) भरा जाए। यदि विद्यार्थी के नाम से 12 अंको का आधार नम्बर जारी न हुआ हो तो पहचान संबंधी दस्तावेजों जिसमें विद्यार्थी की फोटोग्राफ हो की जानकारी भरी जाये, बैंक पासबुक फोटोग्राफ सहित, राशन कार्ड, इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट द्वारा जारी परमानेंट एकाउन्ट नम्बर (पेन कार्ड), पासपोर्ट, स्कूल के हेडमास्टर व प्राचार्य द्वारा जारी एवं प्रमाणित विद्यार्थी का फोटोयुक्त आईडेन्टी कार्ड, मोटर व्हीकल एक्ट 1988 (59 ऑफ 1988) अंतर्गत जारी ड्राईविंग लाईसेंस। जिन विद्यार्थियों द्वारा 12 अंको का आधार नम्बर भरा गया है उनकी छात्रवृत्ति राशि का भुगतान भारत सरकार द्वारा सीधे विद्यार्थी के आधार सीडेड बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। चाहे विद्यार्थी ने अपने ऑनलाईन आवेदन में अन्य बैंक खाते की जानकारी क्यों न भरी हो। विद्यार्थी का बैंक खाता सक्रीय मोड में होना अनिवार्य है ताकि छात्रवृत्ति का भुगतान विफल न हो।

हितग्राही, विद्यार्थी के आधार कार्ड में उल्लेखित नाम लिंग, जन्म तिथि के आधार डेमोग्राफिक सत्यापन को एनएसपी पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया है। विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन भरने के पश्चात भरे गये पूर्ण आवेदन का एक प्रिन्टआउट अनिवार्य रूप से निकालकर अपने पास सुरक्षित रखा जाए। आवेदन पत्र की प्रत्येक कण्डिकाओं की जानकारी पूर्ण नहीं देने एवं योजना में दिए गए निर्देशानुसार आवश्यक प्रमाण पत्र अपलोड नहीं करने पर छात्रवृत्ति की पात्रता नहीं होगी। प्रत्येक विद्यार्थी अपना एक ही आवेदन भरें एक से अधिक बार आवेदन करने पर समस्त आवेदनों को निरस्त माना जायेगा। नवीनीकरण के विद्यार्थी जिन्हें वित्तीय वर्ष 2020-21 में राशि प्राप्त हुई है द्वारा नवीनीकरण का आवेदन भरते समय गत वर्ष 2020-21 में प्रदत्त एप्लीकेशन आई.डी. का उपयोग किया जाए। एल-1 (शैक्षणिक संस्था द्वारा अधिकृत नोडल अधिकारी) एवं एल-2 (जिले में पदस्थ सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग) अधिकारियों जिनके द्वारा एनएसपी पोर्टल पर विद्यार्थियों के आवेदनों का परीक्षण उपरांत सत्यापन किया जाता है के आधार नम्बर एनएसपी पोर्टल पर दर्ज किया जाना भारत सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया है। एल-1 एवं एल-2 स्तर के अधिकारियों के आधार नम्बर पोर्टल पर दर्ज करने एवं सत्यापन की प्रकिया को पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया है जिसे पंजीयन हेतु अधिकृत नोडल अधिकारी के आधार नम्बर से लिंक मोबाईल नम्बर पर भारत सरकार द्वारा ओटीपी के माध्यम से भेजा जाएगा।

भविष्य में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति संबंधित समस्त सभी जानकारियों एवं निर्देशों का आदान-प्रदान पोर्टल पर पंजीकृत नोडल अधिकारी के मोबाईल नम्बर के माध्यम से किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थाओं के केवाईसी रजिस्ट्रेशन की विस्तृत प्रकिया एनएसपी पोर्टल पर दी गई है साथ ही जिन शैक्षणिक संस्थाओं का केवाईसी रजिस्ट्रेशन लंबित है की जिलेवार सूची भी दी गई है। पोर्टल पर के.वाई.सी पंजीकरण उपरांत ही शैक्षणिक संस्था के नोडल अधिकारी को पोर्टल पर अपना आधार नम्बर पंजीकरण उपरात लॉग-इन आई-डी आधार से लिंक मोबाईल पर दी जाएगी। जिन शैक्षणिक संस्थाओं के केवाईसी रजिस्ट्रेशन लंबित है उनके द्वारा एनएसपी पोर्टल पर दी गई केवाईसी रजिस्ट्रेशन की प्रकिया अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। 15 छात्रों को पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भरते समय अपने पाठ्यक्रम का शुल्क विवरण (प्रवेश शुल्क, शिक्षण शुल्क और विविध शुल्क) भरने का विकल्प नहीं है। इसके स्थान पर पाठ्यकम का शुल्क विवरण संबंधित शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा भरा जाना अनिवार्य किया गया है। पोर्टल पर शैक्षणिक संस्थाओं के लिए पाठ्यक्रम-वार शुल्क (प्रवेश शुल्क, शिक्षण शुल्क और विविध शुल्क) का विवरण संस्था के प्रोफाइल पर दर्ज करने का प्रावधान भारत सरकार द्वारा किया गया है।

संस्था स्तर पर विद्यार्थी के आवेदन का ऑनलाईन सत्यापन के दौरान छात्रों के आवेदन पत्र में पाठ्यक्रम शुल्क आदि का विवरण स्वतः संस्था द्वारा अपने प्रोफाइल में दर्ज किए गए विवरण अनुसार प्रदर्शित होगा। यदि विद्यार्थी को शिक्षण शुल्क आदि में कोई विशेष छूट प्राप्त हुई हो तो उस विद्यार्थी विशेष के संबंध में संस्था द्वारा विद्यार्थी के शुल्क विवरण में सुधार किया जा सकेगा। शैक्षणिक संस्था की यह जिम्मेदारी है कि वह आवेदक का ऑनलाईन आवेदन पूर्ण रूप से निरीक्षण करने के उपरांत ही नियमानुसार पात्र विद्यार्थियों के आवेदन ऑनलाईन अपने सत्यापन उपरान्त अग्रिम स्तर के लिये अंतिम 15 दिसम्बर 2021 तक फॉरवर्ड करें। यदि अधूरे आवेदन अग्रेषित किये जाते हैं तो उनके निरस्त होने की पूर्ण जवाबदारी संस्था की होगी तथा इन प्रकरणों पर पुनः विचार नहीं किया जायेगा।

 

 

 

 

 

 

आवारा पशुओं को कांजीहाऊस में किया गया बंद

 

न.पा.परि. अध्यक्ष पूर्णिमा (अमित) शुक्ला एवं मु.न.पा.अधिकारी प्रदीप झारिया के निर्देशानुसार शहर के मुख्य मार्गों से आवारा मवेशियों को रात्रि में सफाई कर्मचारियों के द्वारा पकड़कर (हाकागैंग) के माध्यम से कांजीहाउस में बंद किया जायेगा। साथ ही दिन में सफाई कर्मचारियों का दल गठित कर शहर के मुख्य मार्ग से मवेशियों को काऊ कैचर में पकड़कर शहर के बाहर गौशाला में छोड़ा जायेगा। हाकागैंग के माध्यम से 3 सितम्बर को 42 नग मवेशियों को पकड़ा गया एवं न.पा.परि.मण्डला के द्वारा पशु मालिकों से अपील की है कि अपने-अपने पशुओं को घर पर बांधकर अपने नियंत्रण में रखें। दो बार किसी भी मवेशी के बंद होने पर पशु मालिक के खिलाफ म.प्र. न.पा.अधि. 1961 की धारा 233 के तहत न्यूसेंस की कार्यवाही की जायेगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी पशु मालिक की होगी। वर्तमान में नगरपालिका परिषद मण्डला के द्वारा नगर के विभिन्न हिस्सों में निरंतर साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। 3 सितम्बर को नगर के मुख्य मार्ग एवं डिवाइडरों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया।

 

 

 

 

अखिल भारतीय बाघ गणना-2022 में भाग लेने हेतु इच्छुक स्वयंसेवकों के लिए सामान्य सूचना

 

क्षेत्र संचालक कान्हा टाईगर रिजर्व से प्राप्त जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय बाघ गणना-2022 के अंतर्गत कान्हा टाईगर रिजर्व (फेस-1) में डेटा कलेक्शन कार्य 19 से 25 अक्टूबर, 2021 में सम्पादित किया जाना है। भारत के नागरिक जो 18 वर्ष या अधिक आयु के हैं तथा वन्यप्राणी आंकलन कार्य के अंतर्गत डेटा कलेक्शन कार्य में भाग लेने हेतु इच्छुक व्यक्तियों, अशासकीय, निजी स्वयंसेवक, वन्यप्राणी अवलोककों, महाविद्यालय के छात्र, शिक्षकों (वॉलियंटर) से आव्हान किया गया है एवं डेटा कलेक्शन प्रक्रिया में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया गया है। कान्हा टाईगर रिजर्व में डाटा कलेक्शन कार्य उपरोक्त 7 दिवस में किया जाना है। इस कार्य हेतु लगभग 35 संख्या में स्वयंसेवक शामिल किये जाएंगे। चयनित स्वयंसेवकों को सूचना ई-मेल अथवा दूरभाष के माध्यम से दी जायेगी। मात्र अन्तिम चयनित प्रतिभागी को ही इस गणना में भाग लेने की अनुमति होगी।

 

इच्छुक स्वयंसेवकों हेतु निम्न तथ्यों को जानना महत्वपूर्ण है

 

स्वयंसेवकों को वन क्षेत्रों की विपरीत परिस्थितियों में न्यूनतम 6 दिवसों तक निरंतर मुकाम करने एवं आंकलन कार्य के दौरान दुर्गम वन क्षेत्रों में प्रतिदिन लगभग 10 कि.मी. पैदल चलने हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम होना अनिवार्य होगा। इच्छुक आवेदक आवेदन प्रारूप में कार्यालय क्षेत्र संचालक, कान्हा टायगर रिजर्व को ईमेल किादचण्उकप/उचण्हवअण्पद अथवा डाक द्वारा 30 सितम्बर 2021 के पूर्व आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय आवेदन पत्र में दर्ज प्रमाण पत्र आदि स्वयंसेवकों के लिए नियम के पत्र एवं हानिरक्षा बंधन पत्र पर हस्ताक्षर उपरांत करेंगे। अपूर्ण तथा समस्त दस्तावेजों के साथ न भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। स्वयंसेवकों को उनके निवास स्थल से उनको आवंटित केम्प तक एवं लौटने का परिवहन व्यय स्वयं वहन करना होगा तथा आंकलन अवधि में भोजन आदि का व्यय भी स्वयं वहन करना होगा। आंकलन अवधि में स्वयंसेवकों को आंवटित बीट में स्थानीय वनकर्मियों के साथ उनके आवास में ही ठहरना होगा तथा स्वयंसेवक को अपना स्लीपिंग बेग, बेडरोल स्वयं लाना होगा। आंकलन कार्य की प्रारंभिक तिथि से 2 दिवस पूर्व स्थान – खटिया ईको-सेंटर, कान्हा टायगर रिजर्व में पहुंचकर स्थानीय अधिकारियों को अपने आगमन की सूचना देनी होगी। आंकलन से एक दिवस पूर्व आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होगा तत्पश्चात् वे अगले 6 दिवस तक निरंतर उन्हें आवंटित बीट में रहकर आंकलन कार्य में भाग लेंगे और अगले दिवस पर लौट सकेंगे। आंकलन कार्य के दौरान प्रत्येक स्वयंसेवक को आवंटित बीट में रहना होगा। अतः कुछ स्वयंसेवक दो या अधिक व्यक्तियों के दल में आएंगे तो भी उन्हें आंकलन अवधि में अलग-अलग कैम्पों में भेजा जाएगा तथा किस स्वयंसेवक को कौन सी बीट आवंटित करना है, यह निर्णय स्थानीय अधिकारियों का होगा एवं कोई स्वयंसेवक अपनी इच्छानुसार अन्य बीटों में नहीं जा सकेंगे। स्वयंसेवकों को स्थानीय अधिकारियों, वन कर्मियों के द्वारा दिये गये समस्त निर्देशों का पालन करना होगा।

 

 

 

 

 

 

आगामी नेशनल लोक अदालत 11 सितम्बर को

 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा आर0एस0 शर्मा के मार्गदर्शन में 11 सितम्बर को जिला न्यायालय मण्डला एवं तहसील न्यायालय निवास, नैनपुर, भुआ बिछिया में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जायेगी। नेशनल लोक अदालत में पूर्व की ही भांति न्यायालय में लंबित समझौता योग्य आपराधिक प्रकरण, धारा 138 चैक बाउन्स, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, श्रम और रोजगार विभाग के प्रकरण विद्युत की बकाया वसूली, जलकर, पारिवारिक विवाद, भू-अर्जन, व्यवहार न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरण एवं अन्य दीवानी प्रकृति के मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया जायेगा। इसी प्रकार ऐसे प्रकरण जो न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये गये हैं, लेकिन प्रस्तुत किये जाने योग्य है, धारा 138 चैक बाउन्स, श्रम और रोजगार विभाग, विद्युत की बकाया वसूली, जलकर, व अन्य समझौता योग्य आपराधिक तथा दीवानी प्रकृति के प्रकरणों का भी आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया जायेगा।

पूर्व में 10 जुलाई को भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मण्डला, तहसील न्यायालय निवास, नैनपुर, बिछिया में किया गया था जिसमें न्यायालयों में लंबित सभी प्रकृति के लगभग 219 प्रकरण व विभिन्न विभागों के प्रीलिटिगेशन प्रकृति के 215 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया था, जिससे 638 लोग लाभांवित हुये थे। इस लोक अदालत में भी विद्युत की बकाया वसूली, नगरपालिका के जलकर के बकाया की वसूली तथा बैंक ऋणों की वसूली के प्रकरणों में संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार छूट दिये जाने की संभावना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डला की सचिव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ0 प्रीति श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे लोग जिनके मुकदमे न्यायालय में लंबित है या न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने की पूर्व की स्थिति में हैं, वे 11 सितम्बर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में आपसी सामन्जस्य बनाकर प्रकरणों का निराकरण करा सकते हैं। मुकदमे बाजी से छुटकारा पा सकते हैं एवं संबंधित विभागों द्वारा दी जा रही छूटों का लाभ ले सकते हैं। साथ ही आमजन से अपेक्षा की गई है कि आयोजित नेशनल लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठायें और अपने प्रकरणों का निराकरण बिना खर्च, कम समय में करायें।

 

 

 

 

 

मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनिया से बचाव के लिए रखें सावधानियाँ

 

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि वर्षाकाल में मच्छरों की उत्पत्ति बढ़ जाता है एवं मच्छरजन्य परिस्थितियाँ निर्मित होती हैं। मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया के प्रसार की भी संभावना होती है। इसलिए मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनिया से बचाव हेतु आवष्यक सावधानियाँ रखी जानी अत्यंत आवष्यक है। मलेरिया के लक्षण में कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। कपकपी के साथ तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी होना, बेचैनी, कमजोरी, सुस्ती, रुक-रुक्कर बुखार आना पसीना आकर बुखार उतरना, ठंड गर्मी या तपन का महसूस होना आदि मलेरिया के लक्षण हैं। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में खून की जांच कराऐं एवं मलेरिया की पुष्टि होने पर पूर्ण उपचार लें। खाली पेट दवा का सेवन कदापि नहीं करना चाहिये। मलेरिया की जांच व उपचार सभी शासकीय अस्पतालों पर निःशुल्क उपलब्ध है।

डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छर जहां पैदा होते हैं जैसे- छत पर खुली टंकियां, खाली बर्तन, मटके, गमले, टायर, कूलर, फ्रिज के पीछे भरा पानी, गार्डन, फूलदान, पात्रों में एक सप्ताह से अधिक भरे साफ पानी में मच्छर अंडे देते हैं जिससे लार्वा एवं पूर्ण वयस्क मच्छर बनता है। डेंगू के लक्षण 2-7 दिन तक बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द जोड़ों में दर्द, आंख के पीछे दर्द, खसरा जैसे लाल चकत्ते छाती एवं हाथों पर डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू के उपचार के लिए डेंगू की पुष्टि होने पर चिकित्सक के परामर्श अनुसार पूर्ण उपचार लेना चाहिए। रोगी को पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थ जैसे- फलों का रस, पानी, ओ.आर.एस लेना चाहिए एवं आराम करना चाहिए। किसी भी दर्द निवारक गोली का सेवन नहीं करना चाहिए। मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने हेतु भरे हुए पानी को हर 3-4 दिन में बदलना चाहिए।

पानी संग्रहण करने वाली टंकी, बाल्टी एवं अन्य, पानी से भरे हुए बर्तन को ढक्कर रखना चाहिए। वॉशबेसिन, बाथरुम में पानी निकासी के स्थान में मच्छररोधी जाली लगवाना चाहिए एवं मच्छर की उत्पत्ति स्थल पर मिट्टी का तेल या जला हुआ ऑइल डालना चाहिए। यह आवश्यक है कि घरों के आस-पास सफाई रखें, अनावश्यक पानी जमा न होने दें। सोने के लिए हम मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में मच्छर निरोधक जालियों, मच्छर निरोधी क्रीम, कॉइल का उपयोग करें। अपने घरों में मच्छर निरोधक पौधे जैसे- लेमन ग्रास, लहसुन, लेवेंडर, गेंदा, तुलसी, सिट्रोनेला इत्यादि लगायें।

 

 

 

 

 

किसान समृद्धि अभियान आज से

 

देश के अन्नदाता किसानों के सम्मान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सभी शाखाओं में 4 सितंबर से 20 सितंबर 2021 तक किसान समृद्धि अभियान चलाया जा रहा है। किसानोन्मुख इस अभियान में जिले की सभी शाखाओं द्वारा अलग-अलग तिथि में शाखा स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमे बैंक से जुड़े कृषक ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के ऋण की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न शाखाओं द्वारा इस कृषक उन्मुख अभियान के दौरान कृषकों के आर्थिक सहयोग हेतु किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन ऋण, ट्रैक्टर ऋण, थ्रेसर ऋण, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोर, एग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत ऋण, पीएमएफ़एमई के तहत ऋण, कृषक उत्पादक संगठन ऋण एवं अन्य कृषि उपकरण हेतु ऋण के साथ साथ स्व-सहायता समूह ऋण की सुविधाएं भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के किसान इस विशेष अभियान में नजदीकी शाखाओं से संपर्क कर कृषि उन्नति के अपने सपने को साकार कर सकते हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक महावीर प्रसाद मीना ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किसानों के उन्नति की यह अनोखी पहल खासकर ग्रामीण व अर्धशहरी शाखाओं में विशेष रूप से अभियान चलाकर की जा रही है जहां किसानों के लिए कृषि ऋण के अतिरिक्त गृह ऋण व वाहन ऋण भी सस्ते दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

अग्रणी जिला प्रबंधक अमित कुमार केशरी ने बताया कि किसानों के सम्मान व आर्थिक सहयोग हेतु जिले के सभी बैंक शाखाओ में चौपाल के आयोजन के साथ साथ 9 सितम्बर 2021 को घुघरी में एवं 10 सितम्बर 2021 को मंडला में मेगा कैम्प का आयोजन किया जाएगा जिसमे किसानों को समाज में उनके अहम योगदान हेतु जिला प्रशासन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड, कृषि विकास से जुड़े विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व गणमान्य व्यक्ति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

 

 

 

 

 

जिले में अब तक 720.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

 

जिले में इस वर्ष एक जून से 3 सितम्बर के दौरान 720.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 1119.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 399.5 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 सितम्बर को जिले में 0 मिमी. वर्षा दर्ज की गई।

 

 

 

 

 

 

पशुधन संजीवनी योजना

 

उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 1962 पशुधन संजीवनी योजनांतर्गत आकस्मिक एवं घर पहूँच सेवा के माध्यम से पशुपालकों को पशु चिकित्सा सुविधायें जैसे- पशु उपचार, टीकाकरण, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। शासन का उद्देश्य है कि पशुपालकों को अब ये सुविधायें घर पर ही प्राप्त हों, जिसके लिए शासन ने 150 रूपए प्रति पशु सेवा शुल्क निर्धारित किया है। उन्होंने जिले के समस्त पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें। लाभ हेतु टोल फ्री नम्बर 1962 में कॉल कर सकते हैं।

पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय खुलने का समय प्रातः 9 बजे शाम 4 बजे तक है, इस अवधि में पशुपालक अपने पशु उपचार के लिए संबंधित संस्था में ला सकता है। यदि औषधालय लाना संभव नहीं है तो विभाग द्वारा संचालित कॉल सेंटर नंबर 1962 पर फोन कर अपने पशुओं का उपचार अपने घर पर करवा सकते हैं। उपचार के लिए विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क 150 रूपए है।

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