मण्डला 26 अक्टूबर 2021
26 अक्टूबर को राज्य शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में वीसी के माध्यम से जबलपुर एवं सागर संभाग की बैठक विस्तृत संपन्न हुई। बैठक में एपीसी श्री शैलेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव कृषि अजीत केसरी, संचालक कृषि श्रीमती प्रीति मेथिल एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिले की एनआईसी कक्ष में कलेक्टर हर्षिका सिंह, जिला पंचायत सीईओ सुनील दुबे, डीडीए श्री मरावी, सहकारिता, पशुपालन, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता विभागों की विस्तृत समीक्षा की। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की अलग-अलग योजनाओं जैसे उद्यम उन्नयन योजना, उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत एकीकृत बागवानी मिशन, मसाला प्रक्षेत्र की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सभी जिले नर्सरी को कार्यशील करते हुए इनकी संख्या को बढ़ाएं तथा जिले को इनकी उपयोगिता का लाभ दिलाएं। उन्होंने मनरेगा अंतर्गत नर्सरी के अधोसंरचनात्मक विकास के संबंध में जिलेवार आंकड़ों की समीक्षा की एवं जिलों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना की भी जिलेवार समीक्षा की। बैठक में पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मंडला जिले की 500 बैगा पंचायतों में कड़कनाथ प्रोजेक्ट की स्वीकृति प्रदान की गई।
कलेक्टर ने प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग योजना की जानकारी दी
एपीसी श्री सिंह ने ’एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत् जिलों से चयनित फसलों के उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग के संबंध में सभी कलेक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चयनित उत्पाद की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग पर सभी कलेक्टर विशेष ध्यान दें। मंडला कलेक्टर हर्षिका सिंह ने मंडला जिले से ’एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत् चयनित कोदो-कुटकी, गोंडी पैंटिंग की जानकारी दी। उन्होंने कोदो-कुटकी फसल के उत्पादन, प्रोसेसिंग यूनिट एवं मार्केटिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि ’एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत् तैयार उत्पादों को ट्राईफेड, वनधन केन्द्र, ऑनलाईन प्लेटफार्म, राज्यशासन के दिल्ली सहित अन्य राज्यों में स्थित विक्रय केन्द्रों तथा एफपीओ के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार श्रीमती सिंह ने कृषि विभाग द्वारा कृषक जागरूकता तथा वैज्ञानिक खेती के लिए ग्रामवार आयोजित किए जा रहे कृषक चौपाल के संबंध में भी जानकारी दी।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने बैठक में पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए पशुओं की शत्-प्रतिशत टैगिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पशुओं की टैगिंग सुनिश्चित करते हुए उनकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कराएं। बैठक में पशु कल्याण समिति, पशुधन बीमा योजना, कृत्रिम गर्भाधान, एफएमडी एवं ब्रुसेला टीकाकरण, राष्ट्रीय पशु बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। एपीसी ने कहा कि मत्स्य विभाग तथा पशुपालन विभाग के माध्यम से अधिक से अधिक केसीसी कार्ड बनाए जाएं। इसी प्रकार किसानों को केसीसी कार्ड के लाभ बताने के लिए कृषि चौपाल सहित जागरूकता सेमीनार भी आयोजित करें। बैठक में कृषि विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, रबी सीजन के दौरान उर्वरक उपलब्धता, जल इकाई संगणना के संबंध में भी जरूरी निर्देश दिए गए।
