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मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने ग्रामीणों से पेयजल के संबंध में सावधानी बरतने की अपील की प्रचार रथ के माध्यम से गॉव- गॉव में महामारी रोकने का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है सावधान रहें, सुरक्षित रहे, साफ व स्वच्छ पानी पीये, दूषित भोजन न करें जिले में पेयजल हेतु 9 हजार 380 हैंडपंप है संचालित

मंडला 30 जुलाई 2024

प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के निर्देश पर स्वच्छ पेयजल संबंधी सावधानियों की जानकारी आमजन तक पहुँचाने के लिये प्रचार रथ के माध्यम से गाँव-गाँव जाकर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मंत्री श्रीमती उइके ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए ग्रामीणों से बारिश के समय पेयजल के संबंध में सावधानी बरतने की अपील की है।प्रचार रथ बारिश में दूषित पेयजल से होने वाली मौसमी बीमारियो से बचाव के लिये बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी गांव -गांव में जाकर दे रहा है। यह रथ प्रतिदिन जिले के अलग-अलग गांवों में जाकर दूषित जल पीने से होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, उल्टी, दस्त, बुखार जैसी बीमारियों से बचाव के लिए नियमित रूप से पानी को उबाल कर पीने, पेयजल स्त्रोतों में जर्मेक्स डालकर क्लोरिनेशन कराने, जांच किट से पानी की जांच कराने, एचटूएस वॉयल्स के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कराने के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य कर रहा है।

कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बरसात के मौसम में फैलनी वाली संक्रमण बीमारियों से बचाव के लिए दिशा निर्देश जारी किए है। उन्होंने सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और शहरी व समस्त ग्राम वासियों को एचटूएस वायल्स पीएचई कार्यालय से प्राप्त करने तथा पेयजल स्रोत का परीक्षण करने को कहा है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त विधि से आप स्वयं भी पानी की जांच कर सकते हैं। उल्टी दस्त (डायरिया) केवल दूषित पानी से नहीं होता, यह दूषित भोजन या बासी भोजन तथा वे खाद्य जो बारिश व नमी व उमस वाले मौसम में नही करना चाहिए। चकोड़ा भाजी, अन्य भाजी (पत्तियों में किट चिपके होते है) दूषित मशरूम, बासी ब्रेड, रोटी ऐसा कोई भी भोजन न करे जो दूषित हो या डॉक्टर मना करे। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में मछली या जलीय जंतु न खाए यह मछली या जलीय जंतु का प्रजनन काल होता है। संक्रमण बीमारियो से बचाव के लिए हमेशा पानी को उबालकर पीयें। क्लोरीन का उपयोग करे। झिरिया, पोखर, नाले का पानी न पीये। कुआं के पानी को अच्छी तरह से उबाले क्लोरीन की गोली डाले, हैण्ड पम्प का ही पानी पीये। हैंडपंप के आसपास व पानी के स्रोतों को साफ-सुथरा रखें। सावधान और, सुरक्षित रहे।

 

कार्यपालन यंत्री पीएचई ने बताया कि जिले में पेयजल हेतु 9 हजार 380 हैंडपंप संचालित है। जिसमंे विकासखंड मंडला में 1 हजार 192 विकासखंड मोहगांव 539 विकासखंड मवई में 1 हजार 250 विकासखंड घुघरी में 855 विकासखंड नैनपुर में 1 हजार 208 विकासखंड बिछिया में 1 हजार 587 विकासखंड नारायणगंज में 1 हजार 64 विकासखंड बीजाडाडी में 954 तथा विकासखंड निवास में 731 हैंडपंप है। जिलें में प्रचार रथ के माध्यम से मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु व्यापक-प्रसार किया जा रहा है पेयजल हेतु संचालित जलस्त्रोतों के  पानी की जांच की जा रही है व दवाईयॉ डाली जा रही है नागरिको को सलाह दी जा रही है कि हमेशा अपने आसपास के वातावरण को साफ- सुथरा रखें साफ स्वच्छ पानी पीये तथा दूषित पानी, भोजन या अन्य सामाग्रियों का प्रयोग न करे।

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