मंडला 4 मई 2025
संपूर्ण सांस्कृतिक भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य करने वाले अद्वैत वेदांत के प्रवक्ता आदिगुरू शंकराचार्य जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए म.प्र. शासन ने ’आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास’ द्वारा एकात्मता धाम की स्थापना की गई है। आचार्य शंकर प्रकटोत्सव- एकात्म पर्व के रूप में 2 मई से 16 मई तक पखवाड़ा मनाया जाना है। इसी तारतम्य में जन अभियान परिषद् विकासखंड मंडला ने शासकीय रानी दुर्गावती स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंडला के सभागार में जयंती के उपलक्ष्य में व्याख्यान माला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माँ नर्मदा निर्भय सेवाश्रम- घाघा के स्वामी प्रेमानंद एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल- गयाजीपुरम के आचार्य भीमदेव नैष्टिक ब्रम्हचारी, ब्रम्हचारी प्रदीप आर्य, जन अभियान परिषद् के जिला समंवयक श्री राजेन्द्र चौधरी, विकासखंड समंवयक श्री संतोष झारिया मंच पर उपस्थित रहे।

मुख्यवक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे आचार्य भीमदेव ने सभी उपस्थित जनों से कहा कि अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रखर प्रवक्ता थे आदि शंकराचार्य, प्रत्येक मनुष्य को आदि शंकराचार्य से जीवनदर्शन की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आदि शंकराचार्य के विचारों को अपने जीवन में उतारने के लिये प्रेरित किया। स्वामी प्रेमानंद ने भी आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन को समझाया। व्याख्यान माला के बाद उपस्थितजनों को जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक श्री झारिया द्वारा जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों के साथ सी.एम.सी.एल.डी.पी. के परामर्शदाता श्री आशीष नामदेव, श्री संतोष रजक, श्री लालाराम चक्रवर्ती, श्रीमती रागिनी हरदहा, श्रीमती दीपा श्रीवास, समाजकार्य स्नातक-स्नातकोत्तर के विद्यार्थी, नवांकुर-प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधि एवं नगर के गणमान्य जन उपस्थित रहे।

