मंडला 1 अगस्त 2025
विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन घुघरी आंगनवाड़ी स्तर पर किया गया। इस दौरान पर्यवेक्षक, कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं द्वारा भवनों एवं सामूहिक स्थलों में स्तनपान संबंधित नारों का लेखन किया गया। रैली निकालकर आमजनों को स्तनपान के महत्व को समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती, धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व को समझाते हुए बताया कि नवजात शिशु के लिए पीला गाढ़ा चिपचिपा युक्त मां के स्तन का दूध कोलोस्ट्रम संपूर्ण आहार होता है जिसे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 1 घंटे के भीतर ही बच्चे को पिलाना शुरू कर देना चाहिए। सामान्यतः बच्चे को 6 महीने की अवस्था तक केवल स्तनपान कराना चाहिये उसके बाद 5 वर्ष अथवा उससे अधिक जब तक स्तन से दुध आता है तब तक स्तनपान कराने के साथ-साथ पौष्टिक पूरक आहार भी देना चाहिए। स्तनपान कराने से मां और शिशु दोनों को फायदा होता है। मां के दूध से शिशु को अच्छा और सम्पूर्ण आहार मिलता है। दूध में पाया जाने वाला कोलोस्ट्रम शिशु को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। शिशु को रोगों से बचाता है। शिशु की वृद्धि अच्छे से होती है।

