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बलराम जयंती पर विशेष गौ-अर्क उत्पादों के विकास, वैज्ञानिक विश्लेषण, परीक्षण और फील्ड ट्रायल के लिए मंडला का एग्री स्टार्टअप चयनित भारत सरकार के प्रेरणा योजनांतर्गत हुआ एमओए कृषि उद्यमिता और गौ-आधारित कृषि को बढ़ावा देने मिलेगा प्री-सीड फंडिंग

मंडला 13 अगस्त 2025

मंडला के गजेन्द्र गुप्ता और सौरभ चटर्जी के गौ आधारित कामधेनु कृषि पद्धति को लोकव्यापी बनाने के प्रयास सरकार की योजना के कारण फलीभूत हो रही है। इनके द्वारा प्रवर्तित एग्रो स्टार्टअप ने भारत सरकार के प्रेरणा योजना के कोहोर्ट-6 में चयन की लंबी प्रक्रिया से सफलतापूर्वक गुजरने के बाद गौ-अर्क उत्पादों के विकास, वैज्ञानिक विश्लेषण, परीक्षण और फील्ड ट्रायल के लिए जवाहर आर-एबीआई, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के साथ एमओए हस्ताक्षरित किया गया है।

विगत दिनों जबलपुर में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. मनदीप शर्मा, कुलगुरु, नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर और जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. पी.के. मिश्रा, जवाहर आर-एबीआई के सीईओ डॉ. मोनी थॉमस और जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के डीन और एग्री स्टार्टअप पूरा सोशल साल्यूशंस के डायरेक्टर गजेन्द्र गुप्ता और सहयोगी सदस्य विनोद शर्मा ने एमओए का एक्सचेंज किया।

गजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि एमओए के अनुसार मार्च 2026 तक गौ-अर्क उत्पादों के विकास, वैज्ञानिक विश्लेषण, परीक्षण और फील्ड ट्रायल के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। गौ-अर्क आधारित जैविक उत्पाद के विकास के मॉडल को विकसित करने के लिए जवाहर आर-एबीआई की टीम और डॉ. प्रकाश इतनकर, प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंस, राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी, निर्मल कुमार अवस्थी, डायरेक्टर, परम्परागत, ज्ञान एवं वनोषधि विकास फाउंडेशन और सुरेंद्र गुप्ता, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, एक गांव फार्म सर्विसेज मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

खेती को लाभ का उद्यम बनाने का प्रयास सरकार और निजी क्षेत्र दोनों के द्वारा किया जा रहा है। रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव को देखते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गजेन्द्र गुप्ता और सौरभ चटर्जी के कृषि उद्यमिता और गौ-आधारित कृषि को बढ़ावा देने के प्रयास को भारत सरकार ने प्री-सीड फंडिंग के लिए चयनित किया है। प्रेरणा में प्री-सीड स्टेज फंडिंग के माध्यम से सरकारी अनुदान सहायता प्रदान किया जाता है।

प्रेरणा योजना में गौ-अर्क आधारित जैविक उत्पाद के विकास का मॉडल प्रस्तुत किया गया था। यह मॉडल मृदा स्वास्थ्य में सुधार, फसल की उपज में बढ़ावा करने वाला और पौधों को कीटों व रोगों से प्राकृतिक रूप से सुरक्षित करने का विकल्प प्रदान करता है।

जवाहर आर-एबीआई ने प्रेरणा योजना में आए आवेदनों की शॉर्ट लिस्टिंग विशेषज्ञ समूह के समक्ष प्रस्तुति के बाद की। चयनित सभी एग्री स्टार्टअप को हाईब्रिड मॉडल में तीस दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद आरआईसी राउंड में विशेषज्ञ समूह के पैनल के समक्ष प्रस्तुति के लिए चयनित किया गया। इस राउंड के बाद एसआईसी राउंड में विशेषज्ञ समूह के पैनल के समक्ष प्रस्तुति के लिए चयनित किया गया। एसआईसी पैनल के अनुशंसा और मंत्रालय के अनुमोदन के बाद प्रेरणा के लिए एग्री स्टार्टअप का चयन किया गया।

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