मंडला, 11 अक्टूबर 2025
आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, पंचायत में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों पर जागरूकता सत्र एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने व आंगनवाड़ी परिसर की सफाई के लिए जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, पर्यवेक्षकों एवं परियोजना अधिकारियों द्वारा जागरूकता सत्र के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को एकल-उपयोग प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों को बताया। जैसे प्लास्टिक से बनी वस्तुएँ जिनका एक बार उपयोग करने के बाद उन्हें फेंक दिया जाता है या पुनर्चक्रित किया जाता है, जैसे प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ, बोतलें और खाद्य पैकेजिंग उपयोग किए जाने वाले सभी प्लास्टिक का लगभग आधा एकल-उपयोग वाला होता है। हर साल लगभग करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन होता है और इसका आधा हिस्सा डिस्पोजेबल होता है। दुर्भाग्य से, पुनर्चक्रण दर कम है। ये हानिकारक रसायन हमारे भोजन और पानी में भी प्रवेश कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती है

के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही भारत में एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बारे में बताया गया जिसमें निम्नलिखित वस्तुओं पर उनकी कम उपयोगिता और अधिक कचरा फैलने की संभावना के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्लास्टिक के साथ प्लास्टिक ईयरबड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की छड़े, प्लास्टिक के झंडे, सजावट के लिए पॉलीस्टाइरीन (थर्माेकोल), प्लास्टिक के प्लेटें, कप, गिलास, कटलरी (काटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे) मिठाई के डिब्बों, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर आदि प्लास्टिक की बनी सामग्रियों के प्रतिबंध के बारे में बताया। इनके उपयोग के स्थान पर कपड़े एवं कागज से बनी चीजों के उपयोग एवं महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। आंगनवाड़ी केन्द्र कार्यालय परिसर में स्वच्छता का संदेश दिया गया।

