मंडला, 12 मार्च 2026
जिला पंचायत सभाकक्ष में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उत्पादक समूहों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समूहों की गतिविधियों संबंधी वार्षिक प्रगति की समीक्षा करते हुए सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना ने कहा कि उत्पादक समूहों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में एक बेहतर शुरुआत की है। उत्पादक समूहों को मजबूत करना आवश्यक है, इनकी क्षमता वर्धन किया जाना चाहिए। आवश्यक प्रशिक्षणों के साथ-साथ इन्हें आर्थिक सहयोग कर बेहतर परिणाम लिए जा सकते हैं।

सीईओ श्री मीना ने कहा कि पीजी ग्रुप्स के माध्यम से स्थानीय स्तर पर फसल बेचने का विकल्प किसान दीदियो को मिलता है तथा फसलों की उचित कीमत मिल सकती है। इससे बिचौलियों की दुकानें खत्म हो जाएंगी और ग्रामीण बहनों को आय का अच्छा साधन भी मिलेगा। उन्होंने परंपरागत बीजों को बचाए रखने के लिए बीज बैंक कांसेप्ट को भी दूरदर्शी विजन बताते हुए कहा कि यह न केवल परंपरागत बीजों को बचाने के लिए जरूरी है वरन यह एक ही तरह की फसल लगातार उगाने से भूमि की उर्वरा शक्ति में पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को रोकने का प्रभावी उपाय है।

बैठक में अन्न आजीविका उत्पादक समूह ग्राम धनवाही (बीजाडांडी) की श्रीमती रजनी मरावी द्वारा उत्पादक समूहों के बारे में बताया गया कि उत्पादक समूह का संचालन कैसे किया जाता है ? क्या क्या समस्या आती है? इसके बाद उन उत्पादक समूहों को कैसे लाभ मिलता है ? उत्पादक समूहों द्वारा उपार्जित फसल के विक्रय हेतु कृषक उत्पादक संघ की पूरी प्रक्रिया के बारे में विकासखंड प्रबंधक श्री साहेब लाल सूर्यवंशी द्वारा जानकारी दी गयी। श्री सूर्यवंशी ने बीज लाइसेंस बनवाने और मंडी में विक्रय के विषय में जानकारी दी।

समीक्षा बैठक में जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन श्री बीडी भैंसारे, जिला प्रबंधक श्रीमती अंकिता मरावी सहित मिशन स्टाफ एवं उत्पादक समूहों की महिलाएं शामिल रही।
