मंडला, 13 अप्रैल 2026
जिले में पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने सोमवार को जिला योजना भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली की स्पष्ट दिशा तय कर दी। बैठक की शुरुआत सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर की गई, जिसमें कलेक्टर श्री धोटे ने प्रत्येक विभाग की भूमिका और जिम्मेदारियों की संक्षिप्त जानकारी भी ली। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री शाश्वत सिंह मीना, समस्त एसडीएम, सीएमओ, सीईओ सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर श्री धोटे ने स्पष्ट कहा कि शासन की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन परिणाममूलक, पारदर्शी और समयबद्ध होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल कागजी प्रगति नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक परिवर्तन दिखना चाहिए। फील्ड विजिट को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करें।

अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान स्कूलों में पीएम पोषण (मिड-डे मील) का भी जायजा अवश्य लें। जिले में शासकीय राशन दुकानों से शत प्रतिशत राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू एवं पारदर्शी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक राशन दुकान पर अनिवार्य रूप से एक रजिस्टर संधारित करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कितने पात्र हितग्राहियों को राशन मिल रहा है और इस क्षेत्र के कितने लोग बाहर रह रहे हैं। इसके साथ ही भ्रमण में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने एवं लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं विश्लेषण कर समस्याओं की पहचान करें और समय रहते समाधान सुनिश्चित करें। जिले के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। अधिकारी बैठकों में अद्यतन जानकारी के साथ मौजूद रहें। कलेक्टर श्री धोटे ने विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों, बालक-बालिकाओं के शौचालयों की मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

जल गंगा संवर्धन अभियान को जिले में प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान जनभागीदारी से ही सफल होगा, इसलिए सभी विभाग मिलकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें। इसी प्रकार संकल्प से समाधान जैसे अभियानों में भी सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
गेहूं उपार्जन में किसानों की सहूलियत का ध्यान,
पेयजल उपलब्धता के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में 15 अप्रैल से गेहूं उपार्जन कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिए जिलेभर में कुल 48 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर श्री धोटे ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपार्जन कार्य में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी एसडीएम उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हों। विशेष रूप से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर मेडिकल किट, ग्लूकोज, ठंडा पेयजल, छाया की व्यवस्था के साथ-साथ निकटतम स्वास्थ्य केंद्र एवं चिकित्सक का संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में उनके द्वारा जिले में पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) को निर्देशित किया कि वे दो दिवस के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। इस कार्ययोजना में जिले के ऐसे क्षेत्रों एवं पंचायतों की पहचान की जाए जहां आने वाले समय में पेयजल संकट की संभावना हो सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित क्षेत्रों में अग्रिम रूप से अतिरिक्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में स्थायी समाधान के लिए भी ठोस प्रयासों की रूपरेखा तैयार कर प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके साथ ही कलेक्टर ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से जिले में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सभी शासकीय कार्यालयों में फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित होगा। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नई व्यवस्था को गंभीरता से अपनाएं और सुनिश्चित करें कि ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन हो।

अंत में कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं को लागू करना नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। इसके लिए हर अधिकारी को संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य करना होगा।
