मंडला, 17 अप्रैल 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गुरूवार को पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में “माता-पिता के लिए ईसीसीई एवं प्रारंभिक देखभाल” विषय पर विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास में अभिभावकों की भूमिका को सशक्त बनाना रहा।
इस अवसर पर आयोजित माता-पिता बैठकों में बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भाषा विकास पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। साथ ही ईसीसीई के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाते हुए बताया गया कि प्रारंभिक आयु में उचित देखभाल, पोषण और प्रोत्साहन बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है।
कार्यक्रम में बच्चों के विकास के विभिन्न आयामों, शारीरिक, मानसिक एवं भाषाई विकास की जानकारी दी गई तथा उनकी आयु के अनुसार सीखने की क्षमता के बारे में अभिभावकों को अवगत कराया गया। खेल-खेल में सीखने की अवधारणा को व्यवहारिक रूप से प्रस्तुत करते हुए माता-पिता को बताया गया कि वे घर पर ही बच्चों को रंग पहचानना, गिनती सिखाना तथा कविता और गीतों के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान कर सकते हैं।
इसके साथ ही पोषण एवं देखभाल विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता की आदतें, नियमित हाथ धोने और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के साथ खेल, कविता और कहानी सुनाने की डेमो गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनमें अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। साथ ही प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से अभिभावकों की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का सरल भाषा में समाधान किया गया।
जिले में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करने तथा बच्चों के समग्र विकास और कुपोषण की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
