मंडला, 21 मई 2026
स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक 20 मई को क्षेत्रीय संचालक स्तर पर आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहन्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि कमिश्नर श्री धनंजय सिंह भदोरिया के निर्देशानुसार आयोजित बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. भरत कुमार, जबलपुर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की क्षेत्रीय संचालक श्रीमती सोलंकी द्वारा की गई।
बैठक में संभागीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, एनसीडी, टीबी, आरबीएसके, एनआरसी, एसएनसीयू तथा एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर चर्चा की गई।
बैठक में गर्भवती महिलाओं के प्रथम तिमाही में पंजीयन, मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिया, पीआईएच प्रबंधन तथा संस्थागत प्रसव को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मातृ मृत्यु प्रबंधन एवं डिलीवरी सेवाओं की समीक्षा करते हुए बिछिया, घुघरी एवं मंडला अर्बन क्षेत्र की कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए। रिक्त उपस्वास्थ्य केंद्रों में सीएचओ के माध्यम से कार्य संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की क्षेत्रीय संचालक ने नवविवाहित महिलाओं की समग्र आईडी समय पर तैयार करने पर बल दिया, जिससे भविष्य में गर्भावस्था संबंधी रिकॉर्ड अद्यतन रखने में सुविधा हो सके। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन एवं सीवियर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के लिए रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। बिछिया, मवई एवं नारायणगंज में नए ब्लड स्टोरेज सेंटर स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एनआरसी एवं एसएनसीयू से डिस्चार्ज बच्चों के नियमित फॉलोअप, कुपोषित बच्चों के घर-घर जाकर परिवार को जागरूक करने तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं एएनएम द्वारा संयुक्त रूप से बच्चों का वजन परीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
क्षेत्रीय संचालक डॉ. कुमार ने कहा कि मंगलवार को जिला स्तर के अधिकारी एवं शुक्रवार को खंड स्तर के अधिकारी संयुक्त रूप से व्हीएचएनडी दिवस का निरीक्षण करें। सीएचओ द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण जारी करने तथा निष्क्रिय डिलीवरी प्वाइंट को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकौरी के स्टाफ को प्रशिक्षण देकर तीन दिवस के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पूर्ण टीकाकरण अभियान में कोई भी बच्चा न छूटे, इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। आरबीएसके के तहत 4-डी श्रेणी के बच्चों की पहचान कर उन्हें चिन्हित संस्थाओं में रेफर करने तथा परिवार कल्याण, टीबी एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
