मण्डला। जिला मुख्यालय के उपनगर महाराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पौंडी में पंचायत की जमीन को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। पेट्रोल पंप के समीप स्थित पंचायत भूमि पर वर्षों से छोटे-छोटे व्यवसाय कर अपना जीवनयापन कर रहे गरीब और आदिवासी कुम्हार प्रजापति परिवारों को हटाकर एक दबंग व्यक्ति द्वारा कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप करते हुए कार्यवाही रुकवाई। जानकारी अनुसार पंचायत की उक्त भूमि पर कई वर्षों से स्थानीय गरीब परिवार अपनी छोटी-छोटी दुकानें लगाकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। इन परिवारों का जीवनयापन इसी व्यवसाय पर निर्भर है। आरोप है कि क्षेत्र के एक प्रभावशाली व्यक्ति ने इन लोगों को हटाकर जमीन पर अपना कब्जा जमाने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए मौके पर जेसीबी मशीन भी बुला ली गई थी जिससे वहां मौजूद दुकानों और अस्थायी निर्माणों को हटाया जा सके। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा गोंडवाना पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम को दी गई। सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित व्यक्ति को पंचायत भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा नहीं करने की चेतावनी देते हुए कार्रवाई पर रोक लगवाई। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों और दुकानदारों ने राहत की सांस ली। वहीं कमलेश तेकाम ने कहा कि यह जमीन ग्राम पंचायत की संपत्ति है और इस पर वर्षों से गरीब आदिवासी कुम्हार प्रजापति परिवार अपनी दुकानों के माध्यम से रोजगार चला रहे हैं। ऐसे में किसी एक व्यक्ति द्वारा दबंगई के बल पर इन लोगों को हटाकर कब्जा करना न केवल गलत है बल्कि गरीबों के अधिकारों का हनन भी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की जमीन पर किसी भी व्यक्ति का निजी कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि इस भूमि का उपयोग होना है तो वह गांव और ग्रामीणों के हित में होना चाहिए। इसके लिए पंचायत स्तर पर प्रस्ताव तैयार कर नियमानुसार विकास कार्य किए जाएं ताकि पूरे गांव को उसका लाभ मिल सके। कमलेश तेकाम ने ग्राम पंचायत पौंडी के सरपंच से भी इस संबंध में चर्चा की और भूमि की स्थिति की जानकारी ली। सरपंच ने भी बताया कि संबंधित भूमि पंचायत की है। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया कि पंचायत की भूमि के उपयोग को लेकर उचित प्रस्ताव तैयार किया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जाए। जानकारी के अनुसार संबंधित व्यापारी लंबे समय से उक्त जमीन को खाली कराने जुगाड़ लगा रहा है ताकि उसके खेतों की जमीनों की कीमत करोड़ो रूपए हो जाए यह पहला मामला नही है इसके पहले भी कार्यवाही का भय दिखाकर फुटकर व्यापारियों को परेशान किया जा चुका है।
