मंडला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंडला प्रवास के दौरान संवाद कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने अपने गृह ग्राम हृदयनगर में पान की खेती को पुनः विकसित करने को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से हृदय नगर सहित मंडला जिले में पान के पारंपरिक व्यवसाय को नई पहचान और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष हृदय नगर में पान की खेती के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान स्थिति का विषय प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि हृदयनगर क्षेत्र में पूर्व में बड़ी संख्या में पान के बरेजे हुआ करते थे और चौरसिया समाज का पारंपरिक व्यवसाय पान की खेती एवं व्यापार रहा है। संसाधनों की कमी, विशेषकर बांस उपलब्ध नहीं होने के कारण अब यहां गिने-चुने बरेजे ही बचे हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पान की बेल का पौधा भेंटकर मंडला में पान की खेती को पुनर्जीवित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विषय की गंभीरता को समझते हुए मंडला जिले में पान की खेती को विकसित करने की घोषणा की, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और पारंपरिक व्यवसाय को पुनर्जीवन मिल सके। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद चौरसिया समाज और पान व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि वर्तमान में मंडला में पान की आपूर्ति के लिए पश्चिम बंगाल, कोलकाता सहित नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी और उमरिया जैसे क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। मंडला में ही पान की खेती विकसित होने से स्थानीय स्तर पर पान की उपलब्धता बढ़ेगी और इससे किसानों, बरेजा संचालकों तथा पान व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा की पहल को चौरसिया समाज और पान व्यवसायियों द्वारा सराहा जा रहा है। लंबे समय से विलुप्त होती जा रही पारंपरिक पान खेती को पुनः स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री के समक्ष विषय रखना और उसे घोषणा तक पहुंचाना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, मंडला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला महामंत्री नरेश चंद्रौल सहित भाजपा के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
