*मंडला – मध्यप्रदेश*
19 मई दिन गुरुवार को मंथन मण्डला शाखा की मासिक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी रखी गई थी । जिसमें गोष्ठी का विषय पर्यावरण प्रदूषण था । कार्यक्रम में अध्यक्षता सरिता अग्निहोत्री, मुख्य अतिथि अर्चना द्विवेदी, विशिष्ट अतिथि कविता नेमा उपस्थित रहीं । कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती जी के पूजन अर्चन से की गई, सरस्वती वंदना सविता मोदी द्वारा प्रस्तुत की गई । ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में पटल पर मंच संचालन पूजा ज्योतिषी द्वारा किया गया । सभी विदुषी बहनों ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में बढ़ चढ़ कर स्वरचित रचना/ ऑडियो/ काव्य पाठ में अपनी सहभागिता दर्ज कराई । इस बीच कार्यक्रम में अन्नपूर्णा तिवारी ने *उम्मीद का दिया जलाये रखना, पर्यावरण को बचा यें रखना* सरिता अग्निहोत्री ने काव्य पाठ *क्षिति जल पावक गगन समीरा*, डॉ स्वल्पा बड़गैंया ने *धरती को स्वर्ग बनाना है पर्यावरण को बचाना है*, कविता नेमा ने *कहता है पेड़ जनमानस से*, अर्चना द्विवेदी ने *सागौन तुम यूँ ही नही हो मौन*, अन्नपूर्णा अनुकेश पांडे ने *मैं करती हूं नित ये प्रण स्वच्छ रखूँगी पर्यावरण*, सविता मोदी ने *दुश्मनों को जीतेगे हम अपने व्यवहारो से*, डॉ संध्या शुक्ला ने *पर्यावरण प्रदूषण का चहु ओर हुआ प्रसार है*, सपना सराफ ने *हुआ धरा का बाधित श्रृंगार*, निशी मिश्रा ने *रो रही अस्तित्व को मन चली नदिया की धार* स्वरचित रचना प्रस्तुत की है । इस बीच समस्त मंथन मंडला शाखा की विदुषी बहिनें उपस्थित रहीं। अध्यक्ष महोदया की अनुमति से पूजा ज्योतिषी द्वारा आभार प्रकट कर कार्यक्रम की समाप्ति हुई ।
