मण्डला 11 नवम्बर 2020
अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3(1)(ड) में विशेष पिछड़ी जनजाति के ग्रह और आवास के सामुदायिक अधिकारों का प्रावधान किया गया है। जिसके अनुसार जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के हेबीटेट राइटस को मान्यता देने हेतु कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशानुसार मुवाला में हेबीटेट राइटस से संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई। जिसके अनुसार मण्डला जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कलस्टर के रूप में रह रहे बैगा समुदायों के चिन्हांकन का कार्य किया जा रहा है। इसी तारतम्य में प्रारंभिक तौर पर मण्डला जिले में जनपद पंचायत बिछिया के ग्राम पंचायत उमरवाड़ा को पोषक ग्राम मोहगांव, मुवाला, बैगा टोला एवं सन्नी, जनपद पंचायत मवई के ग्राम पंचायत अमवार के पोषक ग्राम अमवार, नूनसरई, रेहटाखेरो, ओरा घुघरा, मसना, मड़फा, आदि चिन्हांकन किया गया है।
11 नवम्बर को ग्राम मुवाला में हेबीटेट राइटस से संबंधित बैगा टोला में चोपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में ग्राम के बैगा समुदाय के लोग, सरपंच, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जनपद पंचायत के अधिकारी तथा भारत सरकार के रिसोर्स परसन श्री नरेश विश्वास उपस्थित रहे। चौपाल में परिचर्चा के दौरान बैगा समुदाय की महिलाओं द्वारा बताया गया कि पूर्वजों के समय से मुवाला के पास के जंगल से वनोपज एकत्रण तथा जीवनयापन और अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में बताया। जिले के अन्य बैगा बाहुल्य कलस्टरों में भी इस प्रकार की चौपाल लगातार आयोजित किये जा रहे है।
