मंडला। मंगलवार की दोपहर को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आमानाला हाईवे के पास बिछिया विधायक के साथ ही छत्तीसगढ के सीएम भूपेष बघेल का पुतला दहन किया गया। गोंगपा के जिलाध्यक्ष इंजी. कमलेष तेकाम ने बताया कि जिले में रेत खदानों को ठेका में दिया गया है, इसके बाद भी अवैध रेत उत्खनन, परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां तक इस अवैध रेत के व्यापार में लगे अंधाधुंध रफ्तार से भागते वाहनों की चपेट में आने से कई लोगों की मौत तक हो रही है, हाल ही में घुघरी थानांतर्गत ग्राम पंचायत मांगा ग्वारा में 23 मई को बगैर रायल्टी रेत लेकर जा रहे ट्रेक्टर ने बाईक सवार एक एसएएफ जवान को जोरदार टक्कर मार दी थी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। गोंगपा ने मांग की है कि इस मामले में रेत खदान के ठेकेदार राहुल सिंह, क्षेत्रीय विधायक बिछिया, मनीष चैधरी, आकाश दीक्षित पर कार्यवाही की जाए और एसएएफ जवान के परिजनों को एक करोड रूपये का मुआवजा दिया जाए।
छग के सीएम कर रहे प्रकृति से छेड़छाड़
बताया गया कि अपनी इन मांगों को लेकर राश्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी तैयार किया गया है जिसे ई मेल के माध्यम से भेजा जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि देश में प्राकृतिक संस्थानों दोहन करने वाले एवं प्राकृतिक के साथ छेडछाड करने वाले छत्तीसगढ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रकृतिवादी आदिवासियों को अपने प्रशासन तंत्र के माध्यम से बस्तर जिले में आदिवासियों को नक्शलवादी बनाकर उनके अधिकारों हनन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की तरह मंडला जिले में भी बाहरी व्यक्तियों द्वारा रेत का अवैध उत्खन्न किया जा रहा है। चूकि मण्डला जिला भी पांचवी अनुसूचित क्षेत्र है, जहाँ पर अनुच्छेद 244(1) पेशा कानून 1996 प्रभावशील है, अनुसूचित जनजाति होने के नाते एसएएफ के जवान के परिवारजनों को एक करोड की सहायता राशि दिया जाये एवं अपराधियों पर कठोर कार्यवाही की जाए। इस विरोध प्रदर्षन में गोगपा जिलाध्यक्ष इंजी. कमलेष तेकाम, खुषहाल सिंह मार्को, रासिद खान, शतीष ताम्रकार, वकील खान, विकास लखपति, जिला महासचिव सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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