मण्डला 7 जुलाई 2021
5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान एवं त्वरित प्रबंधन करने के उद्देश्य से 19 जुलाई से 18 अगस्त 2021 दस्तक अभियान संचालित किया जायेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त दल (ए.एन.एम. आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता) द्वारा 5 वर्ष से छोटे बच्चों वाले परिवारों में घर पर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की दस्तक दी जाकर बच्चों में पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा ताकि बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सके।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्वेता तड़वे ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान सघन दस्तरोग नियंत्रण पखवाड़ा (आई.डी.सी.एफ.) की गतिविधियां दस्तक अभियान की गतिविधियों के साथ आयोजित की जायेगी। समुदाय में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान, 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान, 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन किया जायेगा। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग की पहचान एवं नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृहभेंट के दौरान ओ.आर. एस. पहुँचाने की कार्यवाही की जायेगी। इसी प्रकार 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों एवं वृद्धि विलंब की पहचान तथा समुदाय को समुचित शिशु एवं बाल आहारपूर्ति संबंधी समझाईश दी जायेगी। एस.एन.सी.यू एवं एन.आर.सी से घुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फॉलोअप को प्रोत्साहन किया जायेगा। गृह भेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुये बच्चों की टीकाकरण स्थिति की जानकारी संकलित की जायेगी। जारी निर्देश के अनुसार अभियान हेतु स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला टीकाकरण अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। अभियान गतिविधियों का क्रियान्वयन कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करने के भी निर्देश दिये गये हैं। निर्देश में कहा गया है कि मैदानी स्तर पर दस्तक दल द्वारा आवश्यक सावधानियां का पालन करते हुये समुदाय स्तर पर दस्तक सेवाएं दी जाना सुनिश्चित की जायें। कोविड-19 कन्टेनमेंट क्षेत्रों, क्वारेंटाईन, आइसोलेशन परिवारों में दस्तक गतिविधि का आयोजन नहीं किया जाये तथा परिस्थितियां सामान्य होने के उपरांत ही दस्तक सक्रिय स्क्रीनिंग करें। दस्तक के दौरान यदि किसी बच्चे में कोविड-19 के लक्षण यथा पिछले 3 दिन से बुखार, सांस लेने में कठिनाई, कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के संपर्क की हिस्ट्री हो, आदि मिलने पर बच्चे को कोविड-19 की जांच हेतु रेफर किया जाये।
