मंडला 27 अगस्त 2024
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० के.सी. सरोते ने जानकारी दी कि भारत में हर साल 25 अगस्त से 8 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम द्वारा आयोजित किया जाता है। जिसका उद्देश्य नेत्रदान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही लोगों को मृत्यु पश्चात् आंख दान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सन् 1985 से राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा शुरू किया गया था और तब से हर साल भारत सरकार नेत्रदान के महत्व को बढ़ावा देने के लिये जागरूकता अभियान चला रही है। नेत्रदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि इस दान से दृष्टिविहीन लोगों को दुनिया देखने का मौका मिलता है, लेकिन सामाजिक एवं धार्मिक परंपराओं के चलते या डर व भ्रम के कारण लोग नेत्रदान करने से डरते हैं। भारत में अधिकतर लोग कार्निया की खराबी से अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं, जिसमें कम उम्र के लोग हैं, अगर उन्हें किसी व्यक्ति की स्वस्थ कार्निया दान में प्राप्त हो जाये तो उसकी आंखों की रोशनी पुनः वापस आ सकती है। नेत्रदान संबंधी जागरूकता के लिये मण्डला जिले में भी 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सभी से अपील किया जाता है कि वे नेत्रदान हेतु संकल्प पत्र भरकर मुत्युपरांत अपनी आंखों की कार्निया दान देकर किसी की खोई हुई रोशनी वापस लाकर मानवता की मिशाल पेश करें। अधिक जानकारी जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से प्राप्त कर सकते हैं।
