16 जून 2025, मंडला
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड मंडला द्वारा लगातार जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थापित हैडपंप, कुआं, ट्यूब वेल, पानी टंकी आदि में पीएचई टीम द्वारा सभी पेयजल स्त्रोतों में जर्मेक्स, ब्लीचिंग पाउडर के माध्यम से पानी को शुद्ध किया जा रहा है एवं प्रचार रथ के माध्यम से समुदाय को जागरूक किया जा रहा है जिसमें दूषित जल से कई बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे हैजा, दस्त, पेचिश, हेपेटाइटिस ए, टाइफाइड और पोलियो जैसी बीमारियाँ शामिल हैं, ये बीमारियाँ पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के कारण होती हैं, जो दूषित पानी के सेवन या दूषित पानी के संपर्क में आने से फैलती हैं। इसके बचाव एवं रोकथाम के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, सब्जियों और फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं, खुले में शौच न करें, शौच के बाद और खाना बनाने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह धोएं, पानी के स्त्रोतों को साफ रखें, नियमित रूप से पानी की जांच करें, लोगों को साफ पानी के उपयोग हेतु समझाइश देवें, पाइपलाइन, चैंबर, घरेलू नल कनेक्शन का निरीक्षण कर मरम्मत करने आदि जानकारी दी जा रही है।

सोमवार को इन ग्रामों में पहुँची पीएचई की क्लोरीनेशन टीम
सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का दल अतरिया, सलैया, रमतिला, घोंटा, छपरतला, चलनी, उरवाही, धनवाही, मैली, पथरी, बरबटी, मझगांव, भावल, भंवरदा, नांदिया, डुंगरिया, बेहंगा, मलारी चक, कोटा सांगवा, कातलबोड़ी, सांगवा, मलारा, टिकरवारा, सालीवाड़ा, बनियातारा, रयगाँव, छतरवाड़ा, पोड़ी, पिंडरई, चिल्पी, अहमदपुर, हाथीतारा माल, हाथीतारा रैयत, तौरी, भलवारा, भटगांव, मेहरासिवनी, कटंगसिवनी पहुँचा। संबंधित ग्रामों के पेयजल स्त्रोतों का क्लोरिनेशन किया गया।

