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स्व-सहायता समूह से मिली नई उड़ान, आत्मनिर्भर बनी दिव्या ठाकुर स्वावलंबन की ओर प्रेरणादायी कदम

मंडला 8 अक्टूबर 2025

मजबूत इच्छाशक्ति हो तो अपने जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। इसी युक्ति को साकार कर रही स्व-सहायता समूह की बहनों ने जिले में अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। इसी तरह का अनुकरणीय उदाहरण हैं ग्राम खड़देवरा निवासी श्रीमती दिव्या ठाकुर। श्रीमती दिव्या ठाकुर मध्यप्रदेश दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के वैष्णवी महिला आजीविका स्व-सहायता समूह से जुड़कर आज आत्मनिर्भर महिला बन चुकी हैं। उनका जीवन उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है।

श्रीमती दिव्या ठाकुर कहती है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले अपने गाँव में केवल एक गृहणी की भूमिका निभाती थी, जिससे उनके घर में अक्सर आय की कमी बनी रहती थी। वे कहती है कि उनकेे परिवार में कुल 4 सदस्य है। पति दुकान में काम करते है। यहां से मिलने वाली आय से उनके परिवार के बेहतर जीवन स्तर के सपने को साकार करना मुश्किल था।

 

स्व-सहायता समूह: परिवर्तन की पहली सीढ़ी

 

दिव्या ठाकुर के जीवन में मोड़ तब आया, जब उन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सबसे पहले सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया और एक आजीविका गतिविधि की शुरुआत की। जिसने उनकी आमदनी की राह बनने लगी। उन्हें ग्राम संगठन के माध्यम से सामुदायिक निवेश राशि के तहत 1 लाख का ऋण प्राप्त हुआ जिससे किराना दुकान खोली।

 

व्यवसाय में विस्तार और आय में वृद्धि

 

दिव्या ने कड़ी मेहनत और लगन से अपनी दुकान के सामान की विविधता और मात्रा को धीरे-धीरे बढ़ाया। उनके प्रयास रंग लाए और उनकी दुकान अधिक सफल हो गई। इस सफलता ने उन्हें और अधिक आत्मविश्वास दिया। अपनी किराना दुकान की कमाई से उन्होंने एक और साहसिक कदम उठाया और स्वयं का ब्यूटी पार्लर का कार्य भी प्रारंभ किया, जिससे उनकी आय के स्त्रोत और बढ़ गए।

 

सफलता और परिवार के जीवन स्तर में सुधार

 

श्रीमती दिव्या ठाकुर एक सफल उद्यमी हैं। वह अपनी किराना दुकान से लगभग 15 हजार रूपए प्रति माह कमा रही हैं। उन्हें अपने परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आज दिव्या ठाकुर न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास से यह साबित होता है कि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएँ हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

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