मंडला, 15 अक्टूबर 2025
मंडला जिले की रसैयादोना ग्राम की निवासी श्रीमती मंजूलता यादव ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारते हुए उन्होंने ई-रिक्शा चलाने का साहसी निर्णय लिया और आज वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गई हैं।
संघर्ष से स्वावलंबन तक का सफर
रसैयादोना ग्राम पंचायत निवासी मंजू लता यादव के परिवार में कुल छह सदस्य हैं। उनके पति कृषि और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन सीमित आय के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस स्थिति से उबरने के लिए मंजू लता ने स्वयं आगे बढ़ने का निश्चय किया। उन्होंने जिले में सक्रिय स्व-सहायता समूह से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त किया और लोन (ऋण) के रूप में आर्थिक सहायता हासिल की। इस पूंजी और अपनी निजी बचत से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा, जिससे उनके जीवन में एक नई शुरुआत हुई।

ई-रिक्शा: आत्मनिर्भरता की सवारी
आज मंजूलता आत्मविश्वास के साथ प्रतिदिन अपना ई-रिक्शा चलाती हैं। उनकी मासिक आय 10 हजार से 12 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। मंजूलता बताती हैं कि अब परिवार के खर्च पूरे हो रहे हैं और बच्चों की शिक्षा भी सुचारू रूप से चल रही है। उनके अनुसार यह ई-रिक्शा केवल एक साधन नहीं, बल्कि मेरे आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक है।
सरकारी योजनाओं का मिला सहारा
मंजूलता को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ प्राप्त हुआ है। उन्हें लाड़ली बहना योजना, बीपीएल राशन कार्ड, और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, जिससे उनका जीवन और भी सुरक्षित व सशक्त हुआ है।
मंजूलता यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन मंडला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूहों की मदद से ही वे आज आत्मनिर्भर जीवन जी पा रही हैं।

