मंडला, 16 नवंबर 2025
नवांकुर संस्थाओं के साथ मिलकर ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों द्वारा हर्ष के साथ भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। यह दिवस विशेष रूप से आदिवासी समाज के संघर्ष, स्वाभिमान एवं उनकी सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। महाराजपुर बिरसा मुंडा तिराहा, ग्राम पंचायत केहरपुर, चटुआमार (गाजीपुर), टिकरिया, किन्द्री सभी सेक्टरों में नवांकुर संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं परामर्शदाताओं के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किये गए।

ग्राम पंचायत केहरपुर में आयोजित कार्यक्रम में सरपंच श्री सतवंत सिंह उलारी ने सभा को सम्बोधित करते हुए सभी ग्रामवासियों से आग्रह किया कि हम सब उनके सपनों को साकार करने के लिए, अपने जल, जंगल, जमीन, अपने अधिकार सुरक्षित करने के लिए ग्राम सभा को सशक्त करें। जिससे मावा नाटे मावा राज यानि हमारे गाँव में हमारा राज स्थापित हो। सनातन वैदिक गुरुकुल के आचार्य भीमदेव, जिला समन्वयक श्री राजेंद्र चौधरी, विकास खण्ड समन्वयक श्री संतोष कुमार झारिया ने बिरसा मुंडा जी जन्म जयंती पर अपने-अपने विचार व्यक्त किये।

परामर्शदात्री श्रीमती रागिनी हरदहा ने सभा को सम्बोधित करते हुए बिरसा मुंडा जी की जीवनी पर विस्तृत चर्चा कर ग्रामीणों को कानूनी जानकारी भी दी, जिसकी समस्त महिलाओं ने सराहना की। जिला समन्वयक श्री राजेंद्र चौधरी ने बताया कि बिरसामुंडा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और आदिवासी समुदाय को अपने अधिकारों एवं संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित किया। उनकी जयंती पर जनजागरण रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिक्षा जागरूकता हेतु आयोजन, प्रदर्शनी और स्थानीय स्तर पर विविध गतिविधियाँ ग्राम पंचायतों, जिलों एवं राज्यों में आयोजित की गईं। जिनमें ग्राम पंचायत स्तर पर भी जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया।

