मंडला, 21 अप्रैल 2026
बाल विवाह प्रतिषेध कंट्रोल रूम में प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में शिकायतें दर्ज हुईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी एवं पुलिस थानों को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही बाल विकास विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विवाह स्थलों पर बालिका के माता-पिता एवं परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कि कानूनन प्रतिबंधित है। बाल विवाह करने, करवाने या उसमें शामिल होने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 2 वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। साथ ही, लड़के पक्ष को भी दूरभाष के माध्यम से बाल विवाह न करने के लिए समझाइश दी गई।

प्रशासनिक टीम ने विवाह समारोह में उपस्थित लोगों को भी बाल विवाह न करने और इसमें भाग न लेने के लिए जागरूक किया। समझाइश के बाद बालक-बालिका के अभिभावकों ने बाल विवाह न करने की सहमति दी। मौके पर पंचनामा तैयार कर सभी संबंधितों की सहमति दर्ज की गई।

