मण्डला 17 अक्टूबर 2020
कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के परिणामस्वरूप अनुविभागीय दण्डाधिकारी मंडला द्वारा ग्राम मधुपुरी, वार्ड नंबर-5 शहीद उदयचंद वार्ड मंडला, रानी अवंती बाई वार्ड नंबर-18 मंडला, दादा धनीराम वार्ड-24 महाराजपुर एवं ग्राम हिरदेनगर के चिन्हित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार ग्राम मधुपुरी में कोदू हरदहा के मकान से सुखलाल हरदहा के मकान तक, वार्ड नंबर-5 शहीद उदयचंद वार्ड मंडला में राकेश श्रीवास के प्लाट से हनुमान टेन्ट हाऊस गोदाम की सीमा तक, रानी अवंती बाई वार्ड नंबर-18 मंडला में पुलिस फोरेंसिक भवन के मेन गेट पर, दादा धनीराम वार्ड-24 महाराजपुर में सोनिया उईके के मकान से अनीता देवांगन के मकान तक एवं आशुतोष त्रिवेदी की खाली भूमि से असीम गौतम के मकान तथा गोविंद दुबे की खाली भूमि तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट घोषित किया गया है। इसी प्रकार ग्राम हिरदेनगर में सुरेश श्रीवास पिता बाबूलाल श्रीवास के मकान से शैलकुमारी पति नीलकंठ चौरसिया के मकान तक, प्रदीप चौरसिया पिता छोटेलाल चौरसिया के मकान से उत्तम चौरसिया पिता स्व. हरनाम चौरसिया के मकान तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
अनुविभागीय दंडाधिकारी मंडला द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंटेनमेंट जोन में सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थल, सार्वजनिक मार्गों अथवा अन्य किसी भी स्थल पर एकत्रित होने, खड़े होने, वाहन या यातायात के किसी भी साधन का उपयोग करने तथा उक्त ग्राम में दूध, किराना, सब्जी मण्डी, दवा दुकान से विक्रय आदि सभी क्रियाओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। उन्हांेने संबंधित क्षेत्र के रहवासियों को निर्देशित किया है कि वह अपने घरों पर ही रहें, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जा सके।
जारी आदेश से शासकीय अथवा निजी चिकित्सीय संस्था में कार्यरत अधिकारी या कर्मचारी अन्य अमला व जरूरी सेवाओं में लगे सरकारी कर्मचारी जैसे अग्निशमन कर्मचारी, जल सेवा, विद्युत विभाग, पुलिस बल, अर्द्धसैनिक बल, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, विद्युत मण्डल, इंटरनेट, डॉकतार, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर, किसी भी तरह की एम्बुलेंस सेवा, लोक शांति अथवा अन्य शासकीय कार्य सम्पादित कराने हेतु नियुक्त सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, गंभीर मरीज, बैंक सेवाएं मुक्त रहेगी। कंटेनमेंट जोन के निवासियों के लिए भोजन, राशन, फल, सब्जी, दूध एवं पेयजल पहुंचाने वाले शासकीय अमले को मुक्त रखा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा एवं इस आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 व अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धाराओं के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सकेगी।
